उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल कार्यक्रम के दौरान पर्ची में नाम की गलती पर गुस्से में मंच से पर्ची फेंक दी। इस घटना के बाद उनकी सहजता और विनम्रता की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ की जा रही है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे मंच से पर्ची फेंकते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटना 13 नवंबर को नैनीताल के भुजियाघाट में हुई, जहां सीएम धामी ने काया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया। मंच पर भाषण देने के दौरान एक मजेदार घटना घटी, जिससे मुख्यमंत्री कुछ नाराज हो गए।
क्या हुआ था पर्ची में?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आयोजकों की ओर से मंच पर उपस्थित अतिथियों के नाम लिखी एक पर्ची दी गई थी। जैसे ही उन्होंने नाम पढ़ने शुरू किए, उन्होंने देखा कि जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट का नाम गलत तरीके से प्रदीप बिष्ट लिखा गया था। जैसे ही सीएम ने यह नाम पढ़ा, उन्हें तुरंत अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने पर्ची पर नाराजगी जताई।
also read: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काया आयुर्वेदिक कॉलेज एंड…
पर्ची को मंच से फेंक दिया सीएम ने
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “अगर मैंने ध्यान नहीं दिया तो मंच से गलत नाम ही पढ़ देता, जो बिल्कुल सही नहीं होता।” इसके बाद, उन्होंने पर्ची को मंच से फेंकते हुए कहा, “इसे पढ़ने की क्या जरूरत है, इसे फेंक दो।” इस पर कार्यक्रम में मौजूद लोग ठहाके लगाते हुए हंस पड़े और तालियां बजाने लगे। इससे माहौल हल्का हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सेंस ऑफ ह्यूमर
मंच पर सीएम धामी ने बिना पर्ची के ही मंच पर मौजूद सभी लोगों के नाम एक-एक कर पढ़े। इसके बाद उन्होंने आयोजकों को हिदायत दी कि ऐसे आयोजनों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर व्यक्ति का नाम सही और सम्मानपूर्वक लिया जाना चाहिए।
सीएम धामी की इस प्रतिक्रिया ने उनकी सहजता और विनम्रता को और भी बढ़ा दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी तारीफ की और लिखा कि अगर नेता इस तरह सहज और विनम्र हों, तो जनता उनसे सहजता से जुड़ जाती है।
इस घटना के बाद, कई लोगों ने मुख्यमंत्री धामी के सेंस ऑफ ह्यूमर की भी तारीफ की और कहा कि उन्होंने गुस्से में आकर स्थिति को एक हल्के और मजेदार तरीके से संभाल लिया।