CM Dhami News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र से पीएम कृषि सिंचाई योजना में लिफ्ट इरिगेशन को शामिल करने का अनुरोध किया, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी
CM Dhami News: नीति आयोग की बैठक में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र से पीएम कृषि सिंचाई योजना में लिफ्ट इरिगेशन को शामिल करने का अनुरोध किया, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी। उन्हें 2026 में नंदा राजजात यात्रा और 2027 में कुंभ के आयोजन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर योजना बनाने का अनुरोध किया गया था।
16वें वित्त आयोग में केंद्र से मिलने वाले अनुदान के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता के बाद, अब नीति आयोग ने केंद्रपोषित योजनाओं में हिमालयी राज्यों की चुनौतियों को हल करने के लिए विशेष सहायता की घोषणा की। पर्वतीय क्षेत्रों में बहुत से उच्च मूल्य वाले कृषि मिशन हैं, जैसे एप्पल, कीवी और मिलेट मिशन।
इसलिए इन क्षेत्रों में सिंचाई प्रणाली को मजबूत करना होगा। नीति आयोग की शासी परिषद की 10वीं बैठक में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र का सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्सा सिंचित हो पाया है। उनका अनुरोध था कि पीएम कृषि सिंचाई योजना में लिफ्ट इरिगेशन शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कहा कि राज्य में शहरों में ड्रेनेज की समस्या एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, क्योंकि शहरीकरण की दर तेजी से बढ़ रही है। उन्हें चाहिए था कि राष्ट्रीय स्तर पर स्थायी ड्रेनेज प्रणाली बनाने की विशेष योजना बनाई जाए।
नदी जोड़ो परियोजना के तहत उत्तराखंड में हिमनद आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़ने के लिए चेक डैम और छोटे जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है। इससे वर्षा जल को बचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक सेक्टर का 9.3 प्रतिशत जीडीपी योगदान है। वहीं, आबादी का लगभग 45 प्रतिशत इस काम में लग गया है। इस समस्या को देखते हुए किसानों को कम वैल्यू कृषि के स्थान पर अधिक वैल्यू कृषि अपनाने का आह्वान किया जा रहा है। राज्य में एप्पल, कीवी, ड्रैगन फ्रूट, मिलेट और सगंध कृषि मिशन हैं।
मां नंदा ने राजजात यात्रा और कुंभ के लिए विशेष सहायता की मांग की
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026 में उत्तराखंड में प्रसिद्ध मां नंदा राजजात यात्रा और 2027 में हरिद्वार में कुंभ होंगे। उन्होंने केंद्र से दोनों कार्यक्रमों को सुंदर और सुंदर बनाने के लिए मदद मांगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेमोग्राफिक डिविडेंड ने विकसित भारत को बनाया है। इस लाभ को प्राप्त करने के लिए इसे एक निश्चित अवधि में उपयोग करना चाहिए। इस दृष्टि से, आने वाले दस वर्ष हमारे राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि इन्हीं वर्षों में हम डिविडेंड का सबसे अधिक लाभ उठा सकेंगे। विशेष रूप से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
जियोथर्मल ऊर्जा नियम लागू कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रास एनवायरमेंट प्रोडक्ट इंडेक्स (GPI) जारी करने की शुरुआत की गई है, जिसका लक्ष्य सतत एवं समावेशी विकास है। इस विश्लेषण से अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के बीच बेहतर समन्वय बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जलविद्युत ऊर्जा कानून जल्द ही लागू किया जाएगा।
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