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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बड़ेथी पहुंचे और भाजपा बूथ अध्यक्ष की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होकर आशीर्वाद दिया। इससे पहले उन्होंने चिन्यालीसौड़ कार्यक्रम में स्टेकहोल्डर्स से विकास और स्वास्थ्य मुद्दों पर बातचीत की।
राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा के बूथ अध्यक्ष की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होकर यह साबित किया कि उनके लिए पार्टी कार्यकर्ता केवल संगठन का हिस्सा नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य हैं। चिन्यालीसौड़ के कार्यक्रम के बाद सीएम धामी बड़ेथी पहुंचे और भाजपा बूथ अध्यक्ष उत्तम सिंह रावत की पुत्री के विवाह में शिरकत की।
विवाह समारोह में सीएम धामी का स्वागत और आशीर्वाद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुल्हन और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं। सीएम की मौजूदगी में समारोह का माहौल और भी खास बन गया और स्थानीय लोग उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ व्यक्तिगत संबंधों को वे बेहद महत्व देते हैं।
चिन्यालीसौड़ कार्यक्रम और स्थानीय विकास मुद्दे
इससे पहले, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चिन्यालीसौड़ विकासखंड मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड सुविधाओं और उच्चीकरण की मांग रखी गई। सीएम ने आश्वासन दिया कि अस्पताल का उच्चीकरण और राजकीय महाविद्यालय का उन्नयन उनकी घोषणा में शामिल है।
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स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सड़कों की मरम्मत, टिहरी झील प्रभावित क्षेत्रों में पर्यटन विकास और गांवों के नामकरण संबंधी मांगें भी रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें पाँच लाख से अधिक लोग शामिल हुए और 40,000 से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला।
गांव-गांव में शिविर और दूरदराज क्षेत्रों में सुविधा
सीएम धामी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता न पड़े, इसलिए गांव-गांव में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पहल से आमजन को राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुलभ बनी है।
चारधाम यात्रा और स्थानीय हितधारकों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होगी और सरकार ने इसके लिए तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यात्रा का वास्तविक संचालन स्थानीय हितधारक, तीर्थ पुरोहित, होटल और टैक्सी व्यवसायियों द्वारा किया जाएगा, जबकि सरकार समन्वयक की भूमिका निभाएगी।
सीएम ने कहा कि इस पहल से सनातन संस्कृति का प्रचार और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है।