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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीति आयोग के समक्ष पानी, सीमा सुरक्षा और औद्योगिक विकास से जुड़ी अहम मांगें रखीं। जानिए किन मुद्दों पर मांगा केंद्र से सहयोग।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीति आयोग की उच्च स्तरीय टीम के साथ बैठक में राज्य की महत्वपूर्ण मांगों को जोरदार ढंग से रखा। उन्होंने पंजाब के समग्र विकास, जल संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे, सीमा सुरक्षा और औद्योगिक प्रगति के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा।
पंजाब के लिए विशेष आर्थिक रियायतों की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की 553 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से लगती है और इसके 6 जिले सीधे अंतरराष्ट्रीय सीमा से प्रभावित हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की तरह पंजाब के सीमावर्ती जिलों को भी विशेष रियायतें देनी चाहिए।
उन्होंने प्रत्येक सीमावर्ती जिले में एग्रो फूड प्रोसेसिंग जोन, विशेषकर बासमती चावल और लीची के लिए क्लस्टर बनाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा फोकल पॉइंट्स के नवीनीकरण और अमृतसर में एक आधुनिक प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्र की स्थापना की वकालत की।
जल संकट और सतलुज-यमुना लिंक पर कड़ा रुख
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और राज्य को उसका यमुना नदी में वाजिब हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने यमुना-सतलुज लिंक (YSL) की मांग दोहराते हुए कहा कि राज्य पहले ही भारी जल संकट से जूझ रहा है और इसके 76% ब्लॉक डार्क ज़ोन में हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1954 के जल समझौते में पुराने पंजाब को यमुना जल का दो-तिहाई हिस्सा देने का उल्लेख था, जिसे आज तक लागू नहीं किया गया।
सीमा सुरक्षा के लिए ₹2,829 करोड़ की मांग
सीमा पर बढ़ती ड्रोन और नशा तस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से ड्रोन जैमर, आधुनिक उपकरण और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए ₹2,829 करोड़ के पैकेज की मांग की। साथ ही बॉर्डर विंग होम गार्ड्स के दैनिक भत्ते को ₹45 से बढ़ाकर ₹655 करने की भी अपील की।
कृषि क्षेत्र में फसली विविधता को बढ़ावा
मान सरकार ने खरीफ सीजन में मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए ₹17,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता की शुरुआत की है। उन्होंने इस योजना को केंद्र सरकार से वित्तीय समर्थन दिलवाने की मांग की ताकि इसे राज्यभर में लागू किया जा सके।
इसके अलावा उन्होंने गुलाबी सुंडी से बचाव, बीज सब्सिडी, और कपास के मशीनीकरण को लेकर भी केंद्र से नीति सहायता मांगी।
औद्योगिक विकास के लिए विशेष जोन और स्कीमें
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने औद्योगिक क्षेत्र में राज्य की क्षमता को देखते हुए PLI स्कीम का विस्तार साइकिल, ई-बाइक, ऑटो और टेक्सटाइल क्षेत्र में करने की मांग की।
उन्होंने लुधियाना में हाई-टेक साइकिल पार्क, जालंधर में स्पोर्ट्स गुड्स जोन, और मोहाली में ऑटोमोबाइल निर्यात क्लस्टर के विकास का सुझाव भी दिया।
विशेष आर्थिक पैकेज की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लिए ₹2,000 करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की, जिसमें निम्न परियोजनाएं शामिल हैं:
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औद्योगिक कॉरिडोर
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सेमीकंडक्टर लैब (मोहाली में)
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भारत माला योजना का विस्तार
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प्रत्येक जिले में निर्यात-उन्मुख SEZ जोन
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