Table of Contents
भारत सरकार ने CGAS स्कीम में बड़ा अपडेट किया। अब टैक्सपेयर्स अपने कैपिटल गेंस को 19 प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा कर टैक्स बचत का फायदा उठा सकते हैं।
भारत सरकार ने कैपिटल गेंस अकाउंट स्कीम (CGAS) में करदाताओं के लिए बड़ा अपडेट किया है। अब यह सुविधा केवल सरकारी बैंकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि 19 प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों में भी उपलब्ध होगी। इससे टैक्सपेयर्स अपने कैपिटल गेंस को सुरक्षित रखने और टैक्स बचत का फायदा आसानी से उठा सकते हैं।
कौन से बैंक शामिल हुए?
वित्त मंत्रालय की नोटिफिकेशन के अनुसार, इस स्कीम में अब निम्नलिखित बैंकों को शामिल किया गया है: HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, RBL बैंक, यस बैंक, साउथ इंडियन बैंक, बंधन बैंक, DCB बैंक, सिटी यूनियन बैंक, कर्नाटक बैंक, करूर वैश्य बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक, धनलक्ष्मी बैंक, CSB बैंक और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक।
इन बैंकों में निवेश कर करदाता अपने कैपिटल गेंस को सुरक्षित रख सकते हैं और नए निवेश के लिए समय लेकर टैक्स बचत कर सकते हैं।
also read: खराब सिबिल स्कोर पर भी लोन कैसे लें? बैंक से न मिलने पर…
कैपिटल गेंस टैक्स क्या है?
जब कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति जैसे जमीन, मकान, गहने या निवेश की बिक्री कर मुनाफा कमाता है, तो उस मुनाफे पर कैपिटल गेंस टैक्स लगता है। अगर संपत्ति कम समय के लिए रखी गई है, तो शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेंस और लंबे समय तक रखने पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लागू होता है।
CGAS स्कीम के फायदे
-
टैक्स बचत: कैपिटल गेंस अकाउंट स्कीम में पैसे जमा कर करदाता लाखों रुपए तक का टैक्स बचा सकते हैं।
-
निवेश में सुविधा: प्रॉपर्टी बेचने और नई प्रॉपर्टी में निवेश करने के बीच जल्दबाजी की जरूरत नहीं।
-
आराम से निवेश: आयकर रिटर्न की डेडलाइन तक निवेश न कर पाने की स्थिति में भी पैसा CGAS में जमा कर टैक्स पर छूट पाई जा सकती है।
इस नए अपडेट के बाद अब करदाता अपने कैपिटल गेंस को अधिक विकल्प और सुरक्षा के साथ सुरक्षित रख पाएंगे।