दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज पर जोरदार हमला बोला है। कपूर ने AAP पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह पार्टी की पुरानी आदत बन चुकी है।
दिल्ली में सियासी घमासान और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज पर जोरदार हमला बोला है। कपूर ने AAP पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह पार्टी की पुरानी आदत बन चुकी है।
दरअसल, सौरभ भारद्वाज और ‘आप’ विधायक संजीव झा ने हाल ही में दावा किया था कि केजरीवाल सरकार अपने विधायकों को हर साल 15 करोड़ रुपये की विधायक निधि देती थी। इस दावे को प्रवीण शंकर कपूर ने पूरी तरह से झूठा करार दिया। उन्होंने आंकड़ों के साथ यह साबित करने की कोशिश की कि केजरीवाल सरकार में 2015 से 2018 तक विधायक निधि महज 4 करोड़ रुपये थी।
प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि 2018-19 में इस निधि को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई थी, लेकिन वास्तव में कभी यह राशि नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि 2019-20 में भी केवल 4 करोड़ रुपये ही विधायक निधि के तौर पर वितरित किए गए।
विधायक निधि के आंकड़े
प्रवीण शंकर कपूर ने आगे कहा कि 2020-21 में कोविड महामारी के कारण विधायक निधि को पूरी तरह से शून्य कर दिया गया। 2021-22 और 2022-23 में दो साल में कुल मिलाकर केवल 4 करोड़ रुपये की निधि दी गई। वहीं, 2023-24 और 2024-25 में सौरभ भारद्वाज ने खुद 7 करोड़ रुपये की निधि की घोषणा की थी, लेकिन ज्यादातर विधायक इस राशि का इस्तेमाल नहीं कर पाए।
प्रवीण शंकर कपूर ने तंज करते हुए कहा, “जब सौरभ भारद्वाज ने 16 दिसंबर 2023 को अधिकतम 7 करोड़ रुपये की निधि की घोषणा की थी, तो अब 15 करोड़ रुपये का दावा कैसे कर रहे हैं?”
AAP के झूठे दावों पर सवाल
बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने यह भी कहा कि अक्टूबर 2024 में तत्कालीन आतिशी सरकार ने विधायक निधि को 15 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव तो पारित किया था, लेकिन उसे कभी लागू नहीं किया गया। उन्होंने दिल्ली की जनता से यह सवाल किया कि ‘आप’ के नेता बार-बार झूठे दावे क्यों करते हैं?
इस विवाद ने दिल्ली की सियासत में एक नया मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ AAP अपनी उपलब्धियों को गिनाने में जुटी है, वहीं बीजेपी सरकारी आंकड़ों के साथ उनके दावों की पोल खोलने में लगी है। अब देखना होगा कि यह राजनीतिक बयानों की जंग दिल्ली के चुनावी माहौल को किस दिशा में ले जाती है।
For more news: Delhi