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Benefits of sandalwood: गर्मियों में चंदन को बहुत कुछ बनाया जा सकता है। चंदन गर्मियों में त्वचा को ठंडा करके गर्मी से राहत मिलती है और त्वचा की समस्याओं को दूर करती है।
Benefits of sandalwood: लोग गर्मियों में तेज धूप, लू और पसीने से बचने के लिए कई उपाय करते हैं। चंदन को आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में शीतलता देने वाला सबसे अच्छा प्राकृतिक तत्व माना जाता है। हाल ही में हुए अध्ययनों ने पाया कि चंदन त्वचा को ठंडा करने के अलावा मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद करता है।
फेस पैक के रूप में इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद है
चंदन संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है “प्रसन्न करना” या “वह जो प्रसन्न करता है”। इसका वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व है। दिसंबर 2012 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, चंदन में एंटीसेप्टिक और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण हैं, जो त्वचा को संक्रमण से बचाते हैं। चंदन पाउडर को गुलाब जल के साथ मिलाकर गर्मियों में फेस पैक बनाना बहुत फायदेमंद होता है। यह त्वचा को ठंडा करके टैनिंग, रैशेज और मुंहासों को दूर करता है।
चंदन मानसिक तनाव कम करता है
गर्मियों में लू लगने की संभावना अधिक होती है। शोधकर्ताओं का विचार है कि चंदन का लेप शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करता है। चंदन का पेस्ट पीठ, छाती या माथे पर लगाने से शरीर ठंडा होता है और लू लगने की आशंका कम होती है। चंदन की सुगंध मस्तिष्क को शांत करती है और तनाव को कम करती है, एक बेंगलुरु स्थित आयुर्वेद संस्थान ने अध्ययन किया है। गर्मी में मानसिक थकान और थकान आम है। चंदन तेल का अरोमाथेरेपी उपयोग मन को शांत करने में मदद करता है।
चंदन जल को एक अन्य पारंपरिक उपयोग में भी बहुत प्रभावी माना जाता है। चंदन पाउडर को पानी में मिलाकर नहाने से गर्मी के चकत्तों से छुटकारा मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल प्राकृतिक रूप में चंदन का उपयोग करें। कृत्रिम चंदन उत्पादों में रसायन हो सकते हैं, जो त्वचा को खराब कर सकते हैं। आप सिर्फ शुद्ध चंदन पाउडर या तेल का उपयोग करें।
पूजा-पाठ में चंदन का उपयोग
चंदन अध्ययनों के अनुसार गर्मी में शीतलता देने का एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका है। यह त्वचा, शरीर और मन को राहत देता है। गर्मी के बुरे प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है अगर इसका सही और शुद्ध रूप में उपयोग किया जाए। चंदन भी धार्मिक है। पौराणिक ग्रंथ इसका उल्लेख करते हैं। इसे सर्वश्रेष्ठ वैष्णव और महाभागवत माना जाता है। उसकी एकमात्र वजह यह है कि यह अपने शरीर को घिसकर भगवान के लिए एक सुगन्धित और गर्म लेप बनाता है। भगवान उसे इसी त्याग पर अपने मस्तक और श्रीअंग में रखते हैं। शिव और विष्णु भी चंदन से सजाए जाते हैं।
भौहों के बीच ललाट पर अक्सर चंदन तिलक लगाया जाता है। असल में, ये भाग मस्तिष्क के सात चक्रों को नियंत्रित करता है। इसे मानव बुद्धि का केंद्र मानते हैं। माना जाता है कि पूजा के दौरान देवताओं के माथे पर तिलक लगाने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। चंदन, अपने नाम के अनुरूप, सबको खुश करता है। चाहे वह साधारण व्यक्ति हो या सबके पालनहार भगवान!
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