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Benefits of Balam Cucumber: बालम खीरा एक प्राकृतिक पदार्थ है जो पथरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में लाभदायक है। गुर्दे की पथरी को भरने में इसका उपयोग मदद करता है और शरीर को पानी की कमी नहीं होने देता।
Benefits of Balam Cucumber: नट समुदाय के सदस्यों को सड़कों के किनारे टेंट लगाकर कुछ जड़ी-बूटियां बेचते देखा होगा। इन्हीं में से एक है बालम खीरा, जो देखने में आम खीरे की तरह लगता है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ और औषधीय है। धीरे-धीरे बालम खीरे का पौधा बड़ा होकर एक पेड़ का रूप लेता है। पूरी तरह विकसित होने पर यह पेड़ लगभग पंद्रह से बीस मीटर तक ऊंचा हो सकता है। इसके पेड़ में खीरे की तरह फूल होते हैं।
बालम खीरे का फल, छाल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
स्वास्थ्य के लिए बालम खीरे का तना, छाल और फल बहुत फायदेमंद हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, जिंक, क्रोमियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और जिंक मौजूद हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक हैं। इसके फलों को सुखाकर चूर्ण बनाया जा सकता है, जिसका नियमित सेवन कई गंभीर बीमारियों से बचाता है।
यह विशेष रूप से पथरी की समस्या से जूझ रहे लोगों को मदद करता है। शरीर में पथरी को धीरे-धीरे काटकर निकालने में इसका चूर्ण मदद करता है। किडनी पत्थरों के मरीजों के लिए बालम खीरे का काढ़ा रामबाण है।
बालम खीरा में औषधीय गुण हैं
बालम खीरे के बीज भी बहुत औषधीय हैं। यह कब्ज दूर करने में सहायक हैं। खीरे में प्रचुर मात्रा में पानी होता है, जो पेट को ठंडा रखता है और पाचन को सुचारू बनाता है। इसका सेवन गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। यह मिनरल्स, विटामिन्स और इलेक्ट्रोलाइट्स का एक अच्छा स्रोत है। बालम खीरे का उपयोग सुखाकर चूर्ण या ड्रिंक के रूप में अधिक सुरक्षित और प्रभावी होता है।
बालम खीरे का रस सूजन या मलेरिया के लिए फायदेमंद हो सकता है। विशेष रूप से, इसके रस को सुबह खाली पेट पीने से पीलिया जैसी बीमारी में राहत मिलती है, क्योंकि इसमें क्लोरोक्वीन जैसा तत्व होता है, जो पीलिया के उपचार में फायदेमंद है।
बालम खीरे की कुछ कमियां
लेकिन इसके कुछ नुकसान हैं, जिनसे सावधान रहना चाहिए। बालम खीरे का कच्चा फल जहरीला होता है और इसे खाने से आपकी सेहत खराब हो सकती है। यह एक विषैला तत्व है जिसे कूक्रिबिटिन कहा जाता है, जो अधिक मात्रा में शरीर में जाने पर लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। रात में इसका सेवन करने से सर्दी, कफ या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को बचना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर ठंडी है।
ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से पेट में ऐंठन, गैस और ब्लड में पोटैशियम का स्तर बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो गंभीर हालात में किडनी फेलियर तक का कारण बन सकती हैं। बालम खीरे में बहुत अधिक पानी होता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
यह साधारण दिखने वाला बालम खीरा असल में एक अद्भुत औषधीय फल है, जिसका सही उपयोग स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इसके उपयोग में बहुत सावधानी भी चाहिए।
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