ChatGPT said:
सेकेंड हैंड फोन खरीदने से पहले ऐसे जानें चोरी का है या नहीं। सिर्फ एक मैसेज से करें IMEI नंबर वैरिफाई। जानें क्या-क्या जांचना है इस्तेमाल किया हुआ स्मार्टफोन खरीदने से पहले।
अगर आप सेकेंड हैंड फोन खरीदने का सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अक्सर लोग बजट बचाने के लिए इस्तेमाल किया हुआ फोन खरीदना पसंद करते हैं, लेकिन कहीं वह फोन चोरी का न हो, यह जानना जरूरी है। अब आप कुछ आसान स्टेप्स से सिर्फ एक मैसेज भेजकर पता लगा सकते हैं कि फोन चोरी का है या नहीं।
कैसे जानें कि फोन चोरी का है या नहीं?
सरकार ने इस जांच के लिए एक बेहद आसान प्रक्रिया शुरू की है जो सभी Android और iPhone यूज़र्स के लिए उपलब्ध है:
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सबसे पहले अपने फोन में मैसेज सेक्शन खोलें।
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फिर 14422 नंबर पर KYM <IMEI नंबर> लिखकर मैसेज भेजें।
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IMEI नंबर जानने के लिए आप फोन की Settings में जाकर About Section देखें या *#06# डायल करें।
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मैसेज भेजने के कुछ ही पलों में आपको फोन की पूरी स्थिति का पता चल जाएगा।
यदि फोन चोरी का निकला तो आपको “Blacklisted” का मैसेज मिलेगा, वरना फोन की वैध जानकारी आ जाएगी।
IMEI नंबर से ऐसे करें ऑनलाइन चेक
आप चाहें तो सरकारी वेबसाइट https://ceir.gov.in पर जाकर भी IMEI नंबर डालकर जांच सकते हैं कि फोन ब्लैकलिस्टेड है या नहीं। यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए कारगर है जो ऑनलाइन सेकेंड हैंड डिवाइस खरीद रहे हैं।
सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान
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IMEI नंबर जरूर मिलाएं: डिवाइस बॉक्स, सॉफ्टवेयर और फोन बॉडी पर अंकित IMEI नंबर एक जैसे होने चाहिए।
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फोन की बॉडी और स्क्रीन की जांच करें: फटी हुई स्क्रीन, स्क्रैच, डैमेज्ड कैमरा लेंस, चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर को अच्छी तरह चेक करें।
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बैटरी हेल्थ चेक करें: iPhone यूज़ कर रहे हैं तो Settings > Battery > Battery Health में जाकर बैटरी की हालत देखें। Android यूज़र्स फोन को 15-20 मिनट तक चार्ज करके टेस्ट करें।
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कैमरा और माइक टेस्ट करें: फ्रंट और रियर कैमरा से फोटो/वीडियो लें, माइक से रिकॉर्ड करें और स्पीकर से ऑडियो सुनें।
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फैक्ट्री रिसेट और अकाउंट लॉगआउट: सुनिश्चित करें कि iCloud या Google अकाउंट लॉगआउट है और फोन को फैक्ट्री रिसेट किया गया है।
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नेटवर्क टेस्ट: सिम डालकर नेटवर्क और कॉलिंग की स्थिति जांचें।
क्यों जरूरी है यह जानकारी?
सेकेंड हैंड फोन खरीदना सही फैसला हो सकता है लेकिन यदि आप बिना जांच के ऐसा करते हैं तो चोरी के डिवाइस में फंस सकते हैं, जिससे कानूनी परेशानी हो सकती है। इसीलिए, खरीदारी से पहले IMEI वैरिफिकेशन जरूर करें और फोन की हर डिटेल ध्यान से जांचें।