Arvind Kejriwal: 21 मार्च को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया था। केजरीवाल ने नियमित जमानत की मांग की है। अंतरिम जमानत याचिका ठुकरा दी गई है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दो मांगें अदालत में उठाई हैं क्योंकि वे कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किए गए हैं। केजरीवाल चाहते हैं कि उनकी पत्नी मेडिकल जांच के दौरान एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने राउज एवेन्यू कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दो आवेदन दाखिल किए। केजरीवाल की मांगों पर तिहाड़ प्रशासन से स्पेशल जज मुकेश कुमार की अदालत ने जवाब मांगा है। 19 जून को जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
Arvind Kejriwal ने अदालत में दो आवेदन दाखिल किए। पहली मांग थी कि सुनीता केजरीवाल को मेडिकल बोर्ड के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। हमारे दूसरे अनुरोध में कहा गया है कि हमें मेडिकल बोर्ड की बैठक में अपनी राय देने की अनुमति दी जाए।
प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों आवेदनों पर प्रतिक्रिया देने के लिए अधिक समय की आवश्यकता बताई। इस पर कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल एजेंसी की हिरासत में नहीं हैं, बल्कि न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में संस्था को इन आवेदनों पर प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है। आवेदन पर अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से उत्तर मांगा है। एजेंसी के कड़े विरोध के बावजूद, अदालत ने एजेंसी को इन आवेदनों पर प्रतिक्रिया देने की अनुमति नहीं दी। 15 जून को दोनों आवेदनों पर सुनवाई होगी।
21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्तमान में वह तिहाड़ जेल में हैं। 21 दिन की अंतरिम जमानत के बाद केजरीवाल 2 जून को फिर से जेल गए। केजरीवाल ने कोर्ट से सात दिन की अंतरिम जमानत की मांग की थी, क्योंकि उन्होंने वजन में कमी और किटोन लेवल में वृद्धि की आशंका व्यक्त की थी। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि जेल में रहते हुए भी स्वास्थ्य जांच की जा सकती है।