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राजस्थान के पाली, सिरोही, जालोर और बाड़मेर में जल संकट के स्थायी समाधान के लिए माही-जवाई बांध लिंक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। जानें कैसे मिलेगा 16,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई लाभ और पेयजल राहत।
राजस्थान के पाली, सिरोही, जालोर और बाड़मेर जिलों में पेयजल और सिंचाई की गंभीर समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। राज्य सरकार ने माही-जवाई बांध लिंक प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिससे इन जिलों को स्थायी जल आपूर्ति मिल सकेगी। इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए ₹15.60 करोड़ की स्वीकृति दी गई है और वाप्कोस लिमिटेड को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है।
यह परियोजना ना सिर्फ पेयजल संकट का स्थायी समाधान लाएगी, बल्कि लगभग 16,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा भी प्रदान करेगी, जिससे हजारों किसानों को राहत मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने दी जानकारी
सुमेरपुर विधायक एवं कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना पर ₹7,000 करोड़ का खर्च प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा 2024-25 के अनुसार, माही और सोम नदी के अधिशेष मानसूनी जल को जयसमंद और अन्य बांधों के माध्यम से जवाई बांध तक लाने की योजना तैयार की गई थी।
अब इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए तेज़ी से काम शुरू हो चुका है। जल संसाधन विभाग, जयपुर के मुख्य अभियंता कार्यालय ने प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति जारी कर दी है।
DPR तैयार, जल्द होगा कार्य शुरू
इस परियोजना के तहत वाप्कोस लिमिटेड द्वारा DPR तैयार कर जल संसाधन संभाग, उदयपुर को निरीक्षण रिपोर्ट सौंपी गई थी, जिसे विभाग द्वारा अनुमोदित भी कर दिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर है और कार्य जल्द शुरू होगा।
इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
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पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर और जोधपुर जिलों को स्थायी पेयजल आपूर्ति
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16,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा
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किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल
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मानसूनी जल का बेहतर उपयोग और जल संरक्षण