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अंकिता भंडारी केस में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने CBI जांच की सिफारिश की, कहा कोई अपराधी बचेगा नहीं। जानें पूरी खबर और अपडेट।
अंकिता भंडारी केस: 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या का मामला पूरे उत्तराखंड में चर्चा में रहा। इस मामले में तीनों आरोपियों को सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने इस प्रकरण की CBI जांच कराने की सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा, “अंकिता भंडारी के माता-पिता से मीटिंग के बाद हमने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए CBI जांच की सिफारिश की है। हम बहन अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। अंकिता भंडारी के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कोई अपराधी बचेगा नहीं।”
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न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार की पहल
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है। अंकिता के साथ हुई दुखद घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसका नेतृत्व महिला आईपीएस अधिकारी कर रही थीं।
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गहन जांच: सभी अभियुक्तों को तत्काल गिरफ्तार किया गया।
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सख्त कार्रवाई: SIT द्वारा गहन विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की गई।
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न्याय: निचली अदालत ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हाल की घटनाओं पर सरकार की प्रतिक्रिया
सीएम ने बताया कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं और उनकी जांच प्रक्रिया लगातार जारी है।
CBI जांच का अनुरोध
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने व्यक्तिगत रूप से अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और उनके अनुरोध के आधार पर राज्य सरकार ने CBI जांच कराने का निर्णय लिया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार हमेशा न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भावुक होकर कहा, “अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि हमारी बहन और बेटी भी थी।”