हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तानाशाही का गंभीर आरोप लगाया है। विज ने बीजेपी विधायक शंकर घोष को पश्चिम बंगाल विधानसभा से बाहर निकालने की घटना को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि देश में कुछ राजनीतिक दल न तो खुद लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और न ही दूसरों को लोकतांत्रिक अधिकार देना चाहते हैं।
अनिल विज ने कहा कि विधानसभा में चुने हुए विधायक को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार होता है, लेकिन तानाशाही प्रवृत्ति वाले नेता इसे स्वीकार नहीं करते। उन्होंने ममता बनर्जी की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया और इसे निंदनीय बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी किया तंज
अनिल विज ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी निशाने पर लिया। विज ने याद दिलाया कि जब हुड्डा की सरकार थी, तब उन्होंने भी उन्हें विधानसभा से बाहर निकाला था। विज ने कहा, “आज हुड्डा खुद मुश्किल में हैं और ममता बनर्जी का भी यही हाल होगा।”
ऑनलाइन गेमिंग बिल पर अनिल विज का समर्थन
अनिल विज ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ऑनलाइन गेमिंग बिल का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग पहले भी समाज के लिए हानिकारक थी, लेकिन पहले की सरकारों ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की। विज ने कहा कि मौजूदा बीजेपी सरकार गलत आदतों और हानिकारक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
GST में बदलाव और नशे पर कड़ी कार्रवाई
विज ने जीएसटी में हालिया बदलावों का भी जिक्र किया, जिसमें रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है, जबकि नशीले पदार्थों जैसी बुरी आदतों पर 40% टैक्स लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार देश को सही दिशा में ले जा रही है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अनिल विज के बयान विपक्षी नेताओं पर सख्त तेवर के साथ-साथ बीजेपी सरकार की नीतियों का भी समर्थन दर्शाते हैं। वे साफ शब्दों में बता रहे हैं कि सरकार किसी भी दबाव में नहीं आएगी और गलत कामों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी।