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डेंगू बुखार के बाद शरीर में दिखते हैं ये 3 मुख्य लक्षण – तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और प्लेटलेट्स गिरना। जानें डॉक्टर की राय, कारण और सही समय पर इलाज कैसे करें।
मानसून के आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां जैसे डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इनमें डेंगू एक बेहद आम और खतरनाक वायरल इंफेक्शन है, जो Aedes aegypti नामक मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है और साफ पानी में पनपता है, जैसे – कूलर, गमले, टंकी या अन्य खुले बर्तनों में जमा पानी। डेंगू के मामले बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ते हैं और समय पर इसके लक्षण पहचानना बेहद जरूरी होता है।
दिल्ली MCD में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजय कुमार के अनुसार, डेंगू के संक्रमण के बाद शरीर में तीन ऐसे लक्षण होते हैं, जिन्हें पहचानना इलाज के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होता है। आइए इन लक्षणों को विस्तार से जानते हैं।
1. अचानक तेज बुखार और कंपकंपी
डेंगू बुखार की सबसे पहली और आम पहचान अचानक तेज़ बुखार आना होता है, जो 102°F से 104°F तक पहुंच सकता है। इसके साथ कंपकंपी और कमजोरी भी देखने को मिलती है। यह बुखार सामान्य वायरल की तरह नहीं होता, क्योंकि यह दवाइयों से थोड़ी देर के लिए कम होकर फिर से तेज़ हो जाता है। यह स्थिति 3 से 7 दिन तक बनी रह सकती है।
2. मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द (ब्रेकबोन फीवर)
डेंगू को ‘ब्रेकबोन फीवर’ कहा जाता है क्योंकि इसमें मरीज को हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ों में तीव्र दर्द होता है। यह दर्द इतना असहनीय होता है कि मरीज को चलने-फिरने में परेशानी होती है। इसके अलावा सिरदर्द और आंखों के पीछे भी दर्द आम है। यह लक्षण बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रभावित कर सकते हैं।
3. त्वचा पर लाल चकत्ते और प्लेटलेट्स में गिरावट
डेंगू का सबसे खतरनाक लक्षण प्लेटलेट्स काउंट का गिरना है। डेंगू बुखार के 3–4 दिन बाद शरीर पर लाल चकत्ते या रैशेज दिखने लगते हैं। इसके साथ मसूड़ों, नाक या पेशाब के जरिए खून आना शुरू हो सकता है। जब प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाते हैं, तो ब्लीडिंग की स्थिति बन जाती है, जिससे मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है।
डेंगू में क्या करें?
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अगर तेज बुखार के साथ ऊपर बताए गए लक्षण नजर आएं तो तुरंत ब्लड टेस्ट (NS1, CBC, प्लेटलेट्स काउंट) कराएं।
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डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा खुद से न लें, विशेषकर पेनकिलर या एंटीबायोटिक।
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शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए ORS, नारियल पानी, जूस, और तरल पदार्थ का सेवन करें।
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आराम करें और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल व पौष्टिक भोजन लें।
कब बनती है अस्पताल में भर्ती की जरूरत?
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लगातार उल्टी या खून आना
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सांस लेने में दिक्कत
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प्लेटलेट्स 20,000 से कम होना
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बहुत अधिक कमजोरी या चक्कर आना
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पेट में सूजन या तीव्र दर्द होना
डेंगू से बचने के उपाय:
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आसपास पानी इकट्ठा न होने दें
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मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग करें
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पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
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पानी की टंकियों को ढक कर रखें
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घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें