गौतम अडानी ने चौथे अडानी ग्रीन टॉक्स में युवाओं को भारत की “दूसरी आज़ादी की जंग” का वाहक बताया। कार्यक्रम में सामाजिक नवाचार, टेक्नोलॉजी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
25 सितंबर 2025 को अडानी ग्रुप ने चौथे संस्करण का ‘अडानी ग्रीन टॉक्स’ सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक उद्यमी, इनोवेटर्स और बदलाव के लिए काम करने वाले लोगों को एक मंच पर लाकर उनकी प्रतिभा और योगदान को सराहा गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने युवाओं को भारत की “दूसरी आज़ादी की जंग” का वाहक बताया। उन्होंने कहा कि यह जंग विदेशी शासन से स्वतंत्रता की नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और सामाजिक नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल करने की है, जो समाज की हर खाई को पाटेगी और लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी।
गौतम अडानी ने पिछले चार वर्षों में ग्रीन टॉक्स की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने GenRobotics, Navalt और Marut Drones जैसे इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स का उदाहरण दिया, जिन्होंने समाज में अमानवीय प्रथाओं को खत्म कर महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाया है।
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उन्होंने NDTV के साथ साझेदारी की घोषणा की, जिससे ग्रीन टॉक्स अब भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंच जाएगा, ताकि वहां के नवाचारों को भी वैश्विक मंच मिल सके।
कार्यक्रम में पहली बार ‘Adani Green Talks Social Impact Awards’ भी प्रस्तुत किए गए। लोक कल्याण अवॉर्ड डॉ. कृष्णा एला को दिया गया, जिन्होंने कोवैक्सिन जैसी स्वदेशी वैक्सीन के जरिए वैश्विक स्वास्थ्य में योगदान दिया है। डॉ. एला ने यह सम्मान देश के वैज्ञानिकों को समर्पित किया।
नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेता विक्रांत मेसी भी इस मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी संघर्ष की कहानी से युवाओं को प्रेरित किया।
अडानी ग्रीन टॉक्स कार्यक्रम न केवल नए विचारों को बढ़ावा दे रहा है बल्कि भारत के हर हिस्से में सामाजिक और तकनीकी क्रांति की नींव रख रहा है। यह मंच देश की युवा पीढ़ी को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है।