हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 6500 किमी सड़कों की मरम्मत और 3500 किमी सड़कों को 18 फीट चौड़ा करने पर चर्चा।
हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने पंचकूला स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में लोक निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के वर्क प्रोग्राम की प्रगति, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विस्तार से चर्चा हुई। विभागीय अधिकारी, अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और जिला वार परियोजनाओं पर मंत्री ने समीक्षा की।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता प्रदेश की प्रगति का आइना है और निर्माण कार्यों में लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता कतई स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की लगभग 6500 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 80 प्रतिशत टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्यों की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
3500 किमी सड़कों को 18 फीट चौड़ा किया जाएगा
मंत्री गंगवा ने प्रदेश की 3500 किलोमीटर सड़कों को 18 फीट चौड़ा करने के निर्देश दिए, जिससे यातायात सुगम और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी। उन्होंने सड़कों पर लगे खराब या टूटा हुआ साइन बोर्ड भी ठीक करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को सामग्री, डिजाइन और कार्य पद्धति की सख्त निगरानी करने को कहा।
कर्मियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी
रणबीर गंगवा ने हाल ही में भर्ती हुए बेलदारों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि वे सक्रिय नहीं दिख रहे। उन्होंने अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने और सुनिश्चित करने को कहा कि सभी कर्मी वर्दी पहनकर समय पर कार्य करें।
कार्यों में तेजी और स्वयं निरीक्षण का आश्वासन
मंत्री ने कहा कि विभागीय और ठेकेदारों के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने खुद विकास कार्य स्थलों का निरीक्षण करने और नियमित समीक्षा करने का भी भरोसा दिया। लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सामग्री की गुणवत्ता जांच पर विशेष ध्यान
रणबीर गंगवा ने कहा कि विभाग द्वारा उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर लैब में नियमित जांच होनी चाहिए। निर्माण पूरा होने पर संबंधित विभागों को समय पर भवन सौंपने और बिलों का भुगतान भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, प्रमुख अभियंता अनिल दहिया, राजीव यादव और एचएसआरडीसी के एमडी वीएस मलिक भी उपस्थित थे।