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उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहली बार 24 घंटे का विशेष सत्र आयोजित, योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ। 2047 तक के विकास विजन पर मंत्रियों की शिफ्टवार ड्यूटी तय।
उत्तर प्रदेश विधानसभा: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज एक नया इतिहास रच दिया गया है। राजधानी लखनऊ स्थित विधानसभा भवन में आज सुबह 11 बजे से लगातार 24 घंटे तक चलने वाला विशेष सत्र शुरू हुआ है। यह सत्र 14 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे तक चलेगा। इसका उद्देश्य है— “विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश 2047” पर व्यापक चर्चा और भविष्य की दिशा तय करना।
2047 तक कैसा होगा उत्तर प्रदेश?
सत्र में विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर चर्चा हो रही है, जिसमें यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अगले 23 वर्षों में उत्तर प्रदेश को कैसे एक विकसित राज्य के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
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विधानसभा में चर्चा की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की।
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विधान परिषद में सबसे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी बात रखी।
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सत्र के दौरान सभी विधायक और मंत्री 2047 तक की योजनाओं, सुधारों और रणनीतियों पर अपनी राय रख रहे हैं।
सत्र में मंत्रियों की 24 घंटे की शिफ्ट ड्यूटी
इस विशेष सत्र के दौरान किसी भी समय सदन में मंत्रियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 28 मंत्रियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है।
सत्र को 6 शिफ्टों में बांटा गया है, जिसमें हर मंत्री को अपनी निर्धारित समय सीमा में सदन में उपस्थित रहना है।
ड्यूटी शेड्यूल (13-14 अगस्त):
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6 PM – 9 PM: लक्ष्मी नारायण चौधरी, राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, विजय लक्ष्मी गौतम
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9 PM – 12 AM: योगेंद्र उपाध्याय, कपिल देव अग्रवाल, सतीश चंद्र शर्मा
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12 AM – 3 AM: अनिल कुमार, दयाशंकर सिंह, दयाशंकर मिश्र, बृजेश सिंह
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3 AM – 6 AM: अनिल राजभर, गिरीश यादव, बलदेव औलख, दिनेश खटिक, संजीव गोंड, रामकेश निषाद, मनोहर लाल मन्नू कोरी, केपी मलिक
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6 AM – 9 AM: जयवीर सिंह, नंद गोपाल नंदी, संदीप सिंह, रवींद्र जायसवाल, सोमेंद्र तोमर
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9 AM – 11 AM: सूर्य प्रताप शाही, संजय निषाद, गुलाब देवी, रजनी तिवारी
सदस्यों को खुलकर रखने का मौका
सत्र में सभी विधायकों को यह अवसर दिया गया है कि वे खुलकर अपने क्षेत्र, विभाग और राज्य के भविष्य को लेकर 2047 तक के विजन को सामने रखें। यह पहल केंद्र सरकार के “विकसित भारत @2047” मिशन से भी मेल खाती है।