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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के 64 जिलों में कैंसर डे-केयर सेंटर खुलेंगे, गाजियाबाद में भी मरीजों को मुफ्त इलाज मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के 64 जिलों में कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। गाजियाबाद में पांच बेड का सेंटर बनाया जाएगा, जिसके लिए डॉ. आलोक रंजन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब सरकारी अस्पतालों में भी कैंसर मरीजों को फ्री इलाज उपलब्ध होगा।
सेंटर की स्थापना और प्रशिक्षण
शासन स्तर से सभी जिलों में डे-केयर सेंटर के संचालन के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। गाजियाबाद में जिला एमएमजी अस्पताल में कैंसर रोगियों के लिए डे-केयर बनाया जा रहा है। हालांकि, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्याप्त स्थान की चुनौती है। इस पर सीएमओ से चर्चा कर डूंडाहेडा या किसी सीएचसी में सेंटर खोलने पर विचार किया जा रहा है।
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मिशन निदेशक की निगरानी
इस परियोजना पर एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल लगातार निगरानी रख रही हैं। जारी आदेश के अनुसार सभी सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि होली से पहले डे-केयर सेंटर चालू हो जाने चाहिए। एनपी-एनसीडी प्रोग्राम के तहत ये सेंटर न केवल कैंसर का इलाज करेंगे बल्कि रोगियों के लिए बेहतर देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे।
विशेषज्ञों ने दिया विशेष प्रशिक्षण
गाजियाबाद के नोडल डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि लखनऊ स्थित आरएमएल, केजीएमसी और एसजीपीजीआइ के कैंसर विशेषज्ञों ने नोडल अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया। इसमें बताया गया कि कैंसर रोगियों की पहचान तुरंत की जाए, जांच तत्काल कराई जाए और इलाज की प्रक्रिया समय पर शुरू हो। यदि रेफर करना जरूरी हो तो मरीज और तीमारदार का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलेवार तैनाती
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गाजियाबाद: डॉ. आलोक रंजन (नोडल), डॉ. पवन कुमारी (मेडिकल ऑफिसर), स्टाफ नर्स: अंबिका सिंह, ललिता, सरिता (वार्ड प्रभारी)
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गौतमबुद्ध नगर: डॉ. अनुराग सागर (नोडल), डॉ. प्रदीप और सौम्या सिंह (मेडिकल ऑफिस), स्टाफ नर्स: कविता, रिंकी, देवेन्द्र (वार्ड प्रभारी)
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हापुड़: डॉ. प्रदीप (नोडल), डॉ. मोहित नागर और डॉ. अनुभव पांडेय (मेडिकल ऑफिसर), स्टाफ नर्स: आकांक्षा, मीनाक्षी, प्रियंका रानी (वार्ड प्रभारी)
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बागपत और बुलंदशहर: डॉ. श्रवण कुमार और डॉ. दिनेश सिंह को नोडल नियुक्त किया गया
कुछ जिलों में वार्ड पहले से आरक्षित हैं और होली से पहले कैंसर रोगियों का इलाज शुरू हो जाने की संभावना है।