Table of Contents
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर नस्लभेद मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया और प्रभावित महिलाओं का समर्थन किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुई नस्लीय दुर्व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मामले में तीन महिलाओं को कथित रूप से नस्लीय टिप्पणियाँ और धमकी मिली थी, जिसने राजधानी में सामाजिक समावेशन और सुरक्षा की अहमियत को फिर से उजागर किया।
मामला क्या था?
20 फरवरी को मालवीय नगर में एक किराए के मकान में मरम्मत के दौरान थोड़ी धूल नीचे वाले घर में गिर गई। इसी मामूली बात को लेकर एक दंपति और वहाँ रहने वाली तीन पूर्वोत्तर की महिलाओं के बीच बहस हो गई। वीडियो में स्पष्ट दिखा कि महिलाओं के साथ अपमानजनक और नस्लीय भाषा का प्रयोग किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सबके लिए है और यहाँ नफरत, जातीय भेदभाव या अपमान की कोई जगह नहीं है। उन्होंने प्रभावित महिलाओं से मुलाकात कर उनका समर्थन किया और कहा कि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।
also read: दिल्ली में ऐतिहासिक स्वास्थ्य फैसला: मुख्यमंत्री रेखा…
रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि दिल्ली की हर निवासी की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च है। उन्होंने यह भी कहा कि वह पूर्वोत्तर समुदाय के साथ संवाद बढ़ाएंगी ताकि उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।
पुलिस की कार्रवाई
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपियों हर्ष सिंह और रूबी जैन को गिरफ्तार किया। उन पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की भी धारा शामिल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रख रहे हैं।
सामाजिक संदेश और भविष्य का असर
यह घटना याद दिलाती है कि बड़े शहरों में भी जातीय भेदभाव और नस्लभेद के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। सीएम ने कहा कि दिल्ली एक समावेशी शहर है, जहाँ सभी नागरिक—देश के किसी भी हिस्से से आए हों—सम्मान और सुरक्षा के अधिकार के हकदार हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई और स्पष्ट संदेश समाज में एकजुटता को मजबूत करता है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार के भेदभाव, धमकी या अपमान को कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।