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हाई कोलेस्ट्रॉल सिर्फ दिल के लिए नहीं, आंखों के लिए भी खतरा है। जैंथेलाज्मा, रेटिनल वेन इंक्लूजन और आर्कस सेनिलिस जैसी समस्याओं पर ध्यान दें और समय पर डॉक्टर से सलाह लें।
हाई कोलेस्ट्रॉल का स्तर सिर्फ हृदय रोगों का कारण नहीं बनता, बल्कि यह आंखों की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल आंखों में धुंधला दिखना, दर्द या पलकों के आसपास पीले रंग के जमाव जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे लक्षणों पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है।
हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का संबंध
दिल की बीमारियां कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रही हैं। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल स्तर अक्सर हाई रहता है, उनमें हृदय रोग का खतरा सबसे अधिक होता है। कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक है क्योंकि यह कोशिकाओं के निर्माण और हार्मोन बनाने में मदद करता है, लेकिन इसकी अधिकता से रक्त वाहिकाओं में रुकावट हो सकती है, जो हृदय के लिए खतरनाक होती है।
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आंखों पर कोलेस्ट्रॉल का असर
नेत्र विशेषज्ञ निकोल बाजिक के अनुसार, उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर आंखों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इसके कुछ आम संकेत इस प्रकार हैं:
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जैंथेलाज्मा (Xanthelasma): आंखों की पलकों के आसपास छोटे पीले रंग के फैटी जमाव दिखाई दे सकते हैं। यह हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेतों में सबसे आम माना जाता है।
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रेटिनल वेन इंक्लूजन (RVO): रेटिना में रक्त प्रवाह अवरुद्ध होने से रेटिनल वेन इंक्लूजन की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह अंधेपन तक का कारण बन सकता है।
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आर्कस सेनिलिस (Arcus Senilis): कॉर्निया के चारों ओर नीले या भूरे रंग के छल्ले बनना, जिसे आर्कस सेनिलिस कहा जाता है। यह आनुवंशिक रूप से भी हो सकता है और अक्सर रक्त में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स के असामान्य स्तर के संकेत देता है।
कब डॉक्टर से सलाह लें
यदि आंखों के आसपास पीले रंग के जमाव, धुंधला दिखाई देना या रेटिना में रक्त प्रवाह की समस्याएं महसूस हों, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर नेत्र और हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।