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हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank से 556 करोड़ रुपये रिकवर किए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बयान के बाद बैंक के शेयरों में रिकवरी, फ्रॉड मामले की जांच जारी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 24 फरवरी 2026 को राज्य विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य सरकार ने IDFC First Bank से 556 करोड़ रुपये रिकवर कर लिए हैं। इससे पहले 23 फरवरी को बैंक में फ्रॉड की खबरों के कारण इसके शेयर में लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी।
शेयरों में रिकवरी का कारण
मुख्यमंत्री सैनी के बयान के बाद IDFC First Bank के शेयरों में दोपहर से रिकवरी दिखी। 24 फरवरी को दोपहर 3:15 बजे शेयर 1.76 प्रतिशत बढ़कर 71.81 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के बैंक अकाउंट में जमा पैसे वापस आ चुके हैं और यह रिकवरी 24 घंटे के भीतर पूरी हुई।
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बैंक में हुए फ्रॉड का मामला
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मामला बैंक के चंडीगढ़ स्थित एक ब्रांच से संबंधित है। इसमें बैंक के मिडिल और लोअर लेवल के 4-5 एंप्लॉयीज शामिल थे, जिन्होंने मिलकर 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया। संबंधित कर्मचारियों को बैंक ने निलंबित कर दिया है।
सैनी ने कहा कि इस मामले में किसी भी शामिल व्यक्ति—चाहे बैंक एंप्लॉयीज हों, अन्य लोग हों या सरकारी अधिकारी—को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य का एंटी-करप्शन ब्यूरो मामले की गहराई से जांच करेगा।
जांच के लिए बनाई गई कमेटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए फाइनेंस सेक्रेटरी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी फ्रॉड की विस्तृत जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।