Table of Contents
EPFO ने नए नियमों के तहत नौकरी छोड़ने के बाद अब 12 महीने बाद ही PF का पूरा पैसा निकालने की अनुमति दी है। यह बदलाव पेंशन और PF निकासी प्रक्रिया को सरल बनाता है।
EPFO New Rule Update: अब EPFO सदस्य नौकरी छोड़ने के बाद केवल 12 महीने के बाद ही फाइनल सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि पहले यह समयसीमा दो महीने थी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हाल ही में अपने प्रोविडेंट फंड (PF) और पेंशन अकाउंट से समय से पहले या प्रीमैच्योर फाइनल सेटलमेंट के नियमों में बदलाव किया है। अब से EPFO के सदस्य नौकरी छोड़ने के 12 महीने बाद ही फाइनल सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि पहले यह समय सीमा केवल दो महीने थी। इसके अलावा, पेंशन निकासी अब 36 महीने की बेरोजगारी के बाद की जाएगी, जो पहले दो महीने में हो जाती थी।
पुराने नियम और नए नियम में अंतर
वर्तमान समय में, अगर कोई सदस्य कम से कम एक महीने से बेरोजगार है, तो वह अपने पीएफ खाते से 75% तक की राशि निकाल सकता है। इसके अलावा, EPF योजना के अनुच्छेद 69(2) के तहत, बेरोजगार सदस्य को दो महीने तक बेरोजगार रहने पर पूरा PF बैलेंस निकालने की अनुमति थी।
नए नियमों से क्या होगा फायदा?
-
75% की आंशिक निकासी: केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद सदस्य 75% तक राशि तुरंत निकाल सकते हैं।
-
25% बैलेंस 12 महीने बाद निकलेगा: बचे हुए 25% का मिनिमम बैलेंस एक साल बाद निकाला जा सकेगा।
-
डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता नहीं: इस नए नियम के तहत अब सदस्य को कोई कारण बताने की जरूरत नहीं होगी, जैसे बेरोजगारी या कोई प्राकृतिक आपदा, और न ही कोई दस्तावेज़ जमा करने होंगे। इससे आंशिक निकासी का प्रोसेस पहले से बहुत आसान हो जाएगा।
मिनिमम बैलेंस क्यों जरूरी है?
EPF खाते में 25% मिनिमम बैलेंस बनाए रखना इसलिए जरूरी है ताकि सदस्य को उच्च ब्याज दर (जो कि 8.25% है) और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहे। यह नियम लंबे समय तक बचत को बढ़ावा देने और खाते में जमा राशि पर अच्छा ब्याज सुनिश्चित करने के लिए है।
also read: BSNL का धमाकेदार ऑफर: नए ग्राहकों को ₹1 में मिलेगा 4G…
इस बदलाव की आवश्यकता क्यों पड़ी?
पहले, अगर कोई सदस्य दो महीने तक बेरोजगार रहता था, तो वह अपना पूरा PF और पेंशन अमाउंट निकाल सकता था। हालांकि, यह पेंशन के लिए समस्याएं पैदा करता था क्योंकि पेंशन प्राप्त करने के लिए 10 साल का रोजगार अनुभव होना जरूरी है। अगर कोई सदस्य पहली नौकरी छूटने के बाद अपना पूरा पैसा निकालता था, तो उसे फिर से पेंशन पाने के लिए नई नौकरी से 10 साल का अनुभव पूरा करना पड़ता था। अब, 12 महीने तक बेरोजगारी की अनुमति देने का उद्देश्य यह है कि इस दौरान आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सदस्य को पूरा PF निकालने की अनुमति मिले।
पेंशन निकासी नियमों में भी बदलाव
EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में पेंशन के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं। अब, पेंशन निकासी के लिए सदस्य को 36 महीने तक बेरोजगार रहना होगा, जबकि पहले यह अवधि केवल दो महीने थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्य रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें और उनके पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हो।