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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने खुद इस बात का संकेत दिया है कि मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा चल रही है और अंतिम निर्णय पार्टी के हाईकमान द्वारा लिया जाएगा। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं।
राजनीतिक हलचल तेज, विधायक कर रहे दावेदारी
सूत्रों के अनुसार, कई विधायक मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंच रहे हैं और अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। देहरादून के राजपुर रोड से विधायक खजान दास सहित अन्य विधायक भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। इस साल मार्च में पूर्व वित्त एवं विधायी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद से मंत्रिमंडल में रिक्त पदों की संख्या बढ़ गई है।
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मंत्रिमंडल में रिक्त पदों की भरपाई जल्द
भाजपा के 2022 के चुनावी सफर में मुख्यमंत्री सहित कुल नौ मंत्री शपथ लेकर सरकार में शामिल हुए थे। संवैधानिक नियमों के अनुसार, उत्तराखंड मंत्रिमंडल में अधिकतम 12 सदस्य हो सकते हैं। अप्रैल 2023 में मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद मंत्रिमंडल घटकर सात सदस्यों का हो गया था। अब मुख्यमंत्री इन रिक्त पदों को जल्द भरने की तैयारी कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए यह सही समय है जब मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल किया जाना चाहिए। भाजपा के राज्य अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है और विस्तार के लिए सही समय है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री इस मामले में पार्टी के केंद्रीय नेताओं से भी राय लेने दिल्ली जा सकते हैं।
संभावित मंत्रियों की सूची
मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें शामिल हैं: खजान दास, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी, भरत चौधरी, बंशीधर भगत, राम सिंह कैड़ा।