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“चीन की Kaiwa Technology ने एक ऐसा रोबोट बनाने का दावा किया है जो इंसानों की तरह गर्भवती होकर बच्चे को जन्म देगा। जानिए इस प्रेगनेंसी रोबोट टेक्नोलॉजी की पूरी डिटेल, फीचर्स और नैतिक बहस।”
प्रेगनेंसी रोबोट टेक्नोलॉजी: दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती टेक्नोलॉजी में अब एक ऐसा चौंकाने वाला इनोवेशन सामने आया है, जो विज्ञान-कथा (sci-fi) को हकीकत में बदलने की तैयारी में है। चीन की एक टेक कंपनी ने दावा किया है कि वह ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार कर रही है जो इंसान की तरह गर्भवती होकर बच्चे को जन्म दे सकेगा। यह तकनीक सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि जल्द ही बाज़ार में देखने को मिल सकती है।
चीन बना रहा है रोबोट जो दे सकेंगे बच्चों को जन्म
चीन की Kaiwa Technology कंपनी के संस्थापक और CEO झांग चीफेंग ने हाल ही में एक ऐसे प्रोजेक्ट का खुलासा किया है, जिसमें एक ह्यूमनॉइड रोबोट को कृत्रिम गर्भाशय (Artificial Womb) से लैस किया जा रहा है। इस गर्भाशय में इंसानी भ्रूण को पूरी तरह से विकसित किया जा सकेगा, ठीक उसी तरह जैसे महिला के गर्भ में होता है।
कंपनी का कहना है कि यह तकनीक पूरी तरह से तैयार होने के करीब है और इसे अगले एक साल में बाजार में उतारने की योजना है। इसकी कीमत 1 लाख युआन (करीब ₹12 लाख या $14,000) से कम होगी।
कैसे काम करेगा यह प्रेगनेंसी रोबोट टेक्नोलॉजी?
यह रोबोटिक सिस्टम किसी साधारण इनक्यूबेटर की तरह नहीं होगा। इसमें कृत्रिम एम्नियोटिक फ्लूड, पोषण देने वाली नली और ऐसे सेंसर होंगे जो भ्रूण की ग्रोथ को मॉनिटर करेंगे। यह रोबोट महिला के पेट जैसे हिस्से में स्थापित आर्टिफिशियल गर्भाशय के जरिए संतान को जन्म देगा।
इस टेक्नोलॉजी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इंसान और रोबोट के बीच इंटरैक्शन से भ्रूण को ज़रूरी सिग्नल और सपोर्ट मिलता रहेगा।
किन लोगों के लिए है यह तकनीक फायदेमंद?
यह तकनीक खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाई जा रही है:
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जो शादी नहीं करना चाहते
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जो गर्भधारण की जैविक प्रक्रिया से बचना चाहते हैं
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जो बांझपन (infertility) से जूझ रहे हैं और संतान की चाह रखते हैं
झांग के अनुसार, यह प्रोजेक्ट चीन की घटती जनसंख्या को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। कंपनी ने इस संबंध में ग्वांगडोंग सरकार के साथ मिलकर फोरम भी आयोजित किए हैं और नैतिक व कानूनी पहलुओं पर नीति प्रस्ताव भी पेश किए हैं।
समर्थन और आलोचना – दोनों का सामना
इस प्रोजेक्ट को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे एक सकारात्मक वैज्ञानिक प्रगति मानते हैं, वहीं कई लोग इसे नैतिकता के खिलाफ बताते हैं। समर्थकों का कहना है कि यह महिला के शारीरिक बोझ को कम करेगा, जबकि आलोचकों का मानना है कि ‘बिना मां’ के गर्भ का विकास अमानवीय है।
भविष्य की ओर एक नया कदम?
अगर यह टेक्नोलॉजी सफल होती है, तो यह पूरी दुनिया में प्रजनन की परिभाषा को बदल सकती है। रोबोट द्वारा बच्चा जन्म देने की प्रक्रिया सिर्फ विज्ञान का अजूबा नहीं बल्कि संभवतः भविष्य की ज़रूरत बन सकती है, खासकर उन समाजों में जहां जनसंख्या में गिरावट एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है।