8वें वेतन आयोग से पहले DA-DR मर्जर पर बड़ा अपडेट, सरकार ने साफ कर दिया, कि महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल नहीं है।
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू करने की तैयारियाँ जोरों पर हैं। इस बीच केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चाओं का मुख्य विषय रहा महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) को बेसिक पे में मर्ज करने का सवाल। कई यूनियनों ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने और महंगाई के असर को कम करने के लिए इसे बेसिक पे में जोड़ने की मांग उठाई थी।
हालांकि, सरकार ने इस पर साफ कर दिया है कि मौजूदा समय में DA और DR को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 1 दिसंबर 2025 को लोकसभा में लिखित उत्तर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के पास इस तरह का कोई प्लान फिलहाल नहीं है। यह जवाब सांसद आनंद भदौरिया के सवाल के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स आज की महंगाई दर के हिसाब से पर्याप्त राहत नहीं पा रहे हैं।
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कर्मचारियों की मांग क्यों थी?
कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि DA और DR में वृद्धि महंगाई को पूरा कवर नहीं करती। इसलिए अगर इसे बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए, तो न केवल बेसिक पे बढ़ेगा, बल्कि HRA, TA और अन्य अलाउंसेस की गणना भी ज्यादा होगी, जिससे कर्मचारियों की कुल सैलरी में बढ़ोतरी होगी।
हालिया DA-DR अपडेट
इस साल दिवाली से पहले सरकार ने DA और DR में 3% की बढ़ोतरी की थी। वर्तमान में कर्मचारियों के लिए DA और पेंशनर्स के लिए DR उनकी बेसिक सैलरी या पेंशन का 55% है। DA/DR की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर साल में दो बार – जनवरी और जुलाई में – की जाती है।
सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि समय-समय पर होने वाले एडजस्टमेंट के मौजूदा ढांचे को बनाए रखा जाएगा, और फिलहाल DA-DR को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।