हरदोखानपुर में 16 नवंबर को रखी जाएगी गौशाला की नींव: नरिंदर जस्सल
– ‘शिवनामदेव अपना घर’ दे रहा है सेवा और मानवता का संदेश
होशियारपुर, 5 नवंबर:
मानवता और सेवा के मार्ग पर अग्रसर संस्था ‘शिवनामदेव अपना घर’ के मुख्य सेवादार नरिंदर सिंह जस्सल के नेतृत्व में हरदोखानपुर स्थित परिसर में 16 नवंबर को संतों व संगतों की ओर से गौशाला का नींव पत्थर रखा जाएगा। यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में गौसेवा, करुणा और बुजुर्गों की देखभाल की भावना को और मजबूत करने का प्रयास है।
नरिंदर सिंह जस्सल ने जानकारी देते हुए कहा कि गौशाला की स्थापना का उद्देश्य यह संदेश देना है कि “सेवा ही सच्चा धर्म है।” उन्होंने संगतों और समाजसेवियों से आह्वान किया कि वे 16 नवंबर को हरदोखानपुर पहुंचकर इस पुनीत कार्य में भाग लें।
गौरतलब है कि नरिंदर सिंह जस्सल द्वारा स्थापित ‘शिवनामदेव अपना घर’ आज बुजुर्गों की सेवा का एक आदर्श केंद्र बन चुका है। अब तक 74 परिवारों में वृद्धजनों की घर वापसी करवा कर संस्था ने न केवल परिवारों में आपसी संबंधों को जोड़ा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन की नई दिशा भी दी है।
कई ऐसे बुजुर्ग, जिन्हें अपने परिवारों ने अस्वीकार कर दिया था, आज इसी केंद्र में सम्मान, स्नेह और आत्मीयता के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
‘शिवनामदेव अपना घर’ अब एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहा है, जहां प्रतिदिन भजन-कीर्तन, सत्संग और समाजसेवा की गतिविधियों से सकारात्मक वातावरण निर्मित किया जा रहा है। आगामी समय में यह केंद्र धार्मिक यात्राओं पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल के रूप में भी उपलब्ध होगा। इसके लिए यहां 62 निःशुल्क कमरे तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें रहने, भोजन और अन्य सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त होंगी।
नरिंदर सिंह जस्सल ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में यह जागरूकता फैलाना है कि वृद्धजन बोझ नहीं, बल्कि अनुभव और आशीर्वाद के सागर हैं। उन्होंने समाजसेवियों, संत समाज और संगत से अपील की कि वे इस सेवा-यज्ञ में सहभागी बनकर मानवता की इस श्रृंखला
को आगे बढ़ाएं।