मोहाली में मालवेयर विश्लेषण के लिए साईबर कियोस्क का उद्घाटन

मोहाली में मालवेयर विश्लेषण के लिए साईबर कियोस्क का उद्घाटन

नागरिक डिजिटल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: विशेष डीजीपी वी. नीरजा

सेल्फ- सर्विस कियोस्क एंड्रॉयड और आईओऐस डिवाईसों, यूएसबी ड्राईवों को स्कैन और सैनीटाईज़ की 24 घंटे मुफ़्त सेवा प्रदान करता है

चंडीगढ़/ मोहाली, 21 जुलाईः

जन साईबर सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुये पंजाब पुलिस ने सोमवार को मोहाली के स्टेट साईबर क्राइम दफ़्तर में मोबाइल डिवाईसों के मालवेयर विश्लेषण के लिए साईबर कियोस्क मशीन का उद्घाटन किया। राज्य में अपनी किस्म की पहली साईबर कियोस्क, यह मशीन नागरिक डिजिटल सुरक्षा की तरफ महत्वपूर्ण तकनीकी तरक्की है।

सेल्फ-सर्विस कियोस्क नुकसानदेय, पाबन्दीशुदा या असुरक्षित ऐपलीकेशनों और फाइलों से ऐंड्रॉइड और आईओएस मोबाइल डिवाईसों के साथ-साथ यूएसबी ड्राईवों और बाहरी स्टोरेज को स्कैन और सैनीटाईज़ करने के लिए तैयार किया गया है।

मोहाली के फेज़ 4 में स्टेट साईबर क्राइम दफ़्तर में साईबर कियोस्क का उद्घाटन करते हुये स्पेशल डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस, साईबर क्राइम वी. नीरजा ने कहा कि साईबर कियोस्क नागरिकों के लिए एक जन पहल है और इसको शुरू में चार स्थानों- मोहाली, सीपी दफ़्तर लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में स्थापित किया गया है, जिसके उपरांत इसको अन्य जिलों में भी स्थापित किया जायेगा।

जन कल्याण और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधन करते हुये स्पेशल डीजीपी ने ज़ोर देकर कहा कि यह कियोस्क 24 घंटे तेज, सुरक्षित और मुफ़्त सेवाएं प्रदान करता है, जिसमें हरेक स्कैन में सिर्फ़ 2-5 मिनट लगते हैं। उन्होंने भरोसा दिया कि डेटा लीक होने का कोई ख़तरा नहीं है; नागरिक मालवेयर के लिए अपने डिवाईसों की सुरक्षित ढंग से जांच कर सकते हैं और संभावित जोखिमों को तुरंत हटा सकते हैं।

उन्होंने जनता को साईबर अपराधों के प्रति सचेत रहने की अपील भी की और साईबर अपराध हेल्पलाइन – 1930 या cybercrime.punjabpolice.gov.in पर ‘साईबर- मित्र’ चैटबोट के द्वारा तुरंत रिपोर्ट करने के लिए कहा।

जन प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब देते हुये साईबर अपराध के एसपी, जशनदीप सिंह गिल ने कहा कि कियोस्क आईऐमईआई विवरणों और सिम सम्बन्धी जानकारी की पहचान करता है और ऐपलीकेशनों और अंदरूनी स्टोरेज का तेज़ी और गहराई से स्कैन करता है। उन्होंने आगे बताया कि उपभोक्ता संक्रमित ऐपस को अनइंस्टाल कर सकते हैं, नुकसानदेय फाइलों को हटा सकते हैं और स्कैन रिपोर्टें तुरंत तैयार कर सकते हैं। रिपोर्ट उपभोक्ता के ईमेल पर भेजी जा सकती है या यूएसबी डिवाइस पर स्टोर की जा सकती है। व्यवस्था उपभोक्ता-अनुकूल और सुरक्षित होने साथ-साथ वन टच्च स्क्रीन इंटरफेस के ज़रिये काम करता है।

नेशनल फोरेंसिक साइंसज़ यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) द्वारा अरिष्टि इन्फो लैबज़ के सहयोग से विकसित किया गया यह कियोस्क मालवेयर विश्लेषण आधुनिक तकनीकी हुनर की ज़रूरत के बिना सीधे जन क्षेत्र में लाया गया है। मोहाली साईबर कियोस्क को उनकी कॉर्पाेरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी सुविधा के हिस्से के तौर पर ओमैकस के सहयोग से स्थापित किया गया है।

उद्घाटन समारोह में शामिल होने वालों में सीनियर सिटीज़नज़ एसोसिएशन, मोहाली, लायनज़ क्लब मोहाली, रैड्ड क्रास मोहाली, रोटरी क्लब मोहाली और मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल थे।

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