पनग्रेन के चेयरमैन द्वारा शेरपुर की राइस मिलों का अचानक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान भीगा हुआ गेहूं चुकवाया करवाया जा रहा था – चेयरमैन तेजपाल सिंह गिल
संदेह है कि गेहूं के स्टॉक पर पानी डालकर या बारिश में बिना तिरपाल के छोड़कर वजन बढ़ाया जा रहा था
प्रबंधकीय निदेशक को जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश
शेरपुर (जिला संगरूर), 6 अगस्त (000) –
पनग्रेन के चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने आज शेरपुर केंद्र, जिला संगरूर में स्थित रिहान राइस मिल, वैभव राइस मिल और महादेव राइस मिल का अचानक दौरा कर खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए पनग्रेन द्वारा संग्रहित गेहूं की जांच की। निरीक्षण के दौरान विशेष गाड़ियों से भीगा हुआ अनाज उठाया जा रहा था। जांच में पाया गया कि जो स्टॉक उठाया जा रहा था, वह अत्यधिक गीला था।
इस निरीक्षण के दौरान संबंधित गोदाम प्रभारी अजय कुमार, निरीक्षक जगदेव सिंह और परमजीत सिंह भी उपस्थित थे।
चेयरमैन डॉ. गिल ने बताया कि उनकी उपस्थिति में गोदाम के विभिन्न स्टैकों से गेहूं की बोरियों का वजन किया गया, जो औसतन 54 किलोग्राम पाया गया। संबंधित निरीक्षकों द्वारा चुनी गई बोरियों का वजन भी लगभग 52.5 किलोग्राम था। इससे स्पष्ट होता है कि गेहूं की बोरियों पर पानी डालकर या उन्हें बारिश में खुला छोड़कर वजन बढ़ाया गया, और फिर उनमें से अतिरिक्त वजन वाली गेहूं निकाल कर अवैध रूप से बेची जा रही थी।
इसके अलावा, एक ट्रक भी पाया गया जिसमें खराब गुणवत्ता का गेहूं लोड था। संबंधित निरीक्षकों के अनुसार, इस गेहूं को एफसीआई द्वारा गुणवत्ता ठीक न होने के कारण रिजेक्ट किया गया था। उस गेहूं में कीड़े लगे हुए थे और बोरी का वजन भी 52.5 से 53.5 किलोग्राम पाया गया, जिससे संदेह होता है कि इसमें भी पानी डालकर वजन बढ़ाया गया है।
चेयरमैन गिल ने पनग्रेन के प्रबंधकीय निदेशक को इस पूरे मामले की जांच करने और गेहूं के रख-रखाव में बरती जा रही लापरवाही और गड़बड़ी के लिए संबंधित गोदाम स्टाफ पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि अनाज की बरबादी और पनग्रेन को हो रहे नुकसान की भरपाई की जा सके।