यमुनानगर बस हादसा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मृतक के परिवार को ढाई लाख और घायल छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की। मंत्री अनिल विज ने जांच के आदेश दिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
यमुनानगर में हुई भयंकर बस दुर्घटना पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गहरी संवेदना व्यक्त की और मृतक के परिवार को ढाई लाख रुपये और घायल पांच छात्राओं को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल छात्राओं के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनका निशुल्क उपचार करने का भी वादा किया। साथ ही, राज्य सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और जांच के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की संवेदना और सहायता की घोषणा
यमुनानगर बस दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मृतक छात्रा के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और उन्हें 2.5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। साथ ही, घायल छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घायल छात्राओं का इलाज मुफ्त किया जाएगा और चिकित्सा खर्च की प्रति पूर्ति की जाएगी।
परिवहन मंत्री अनिल विज का जांच आदेश और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
परिवहन मंत्री अनिल विज ने भी इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की गहराई से जांच की जाए, चाहे वह बस की तकनीकी स्थिति से संबंधित हो या चालक की लापरवाही से।
राज्य परिवहन की बसों का बीमा सुरक्षा कवरेज
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य परिवहन की सभी बसें बीमाकृत हैं, जिससे यात्रियों को किसी भी अप्रत्याशित घटना में बीमा सुरक्षा कवरेज प्राप्त होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीमा प्रक्रिया को शीघ्र और सुचारु रूप से लागू किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्दी सहायता मिल सके।
एसडीओ और जेई पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
यदि दुर्घटना इंजीनियरिंग दोष या सड़क की खराब स्थिति के कारण हुई तो एसडीओ और जेई पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। कैथल में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए गए थे, और अब जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी यह आदेश जारी किया गया है।
भविष्य में ऐसे आदेशों के अनुसार सभी रोड एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अगर सड़क की खराबी या बनावट के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित एसडीओ और जेई का नाम एफआईआर में शामिल किया जाएगा।