Health Tips: अधिकतर महिलाओं में पाई जाने वाली 4 पोषक तत्वों की कमी – आयरन, कैल्शियम, विटामिन-D और विटामिन-B12। इनके लक्षण जानें और स्वस्थ जीवन के लिए सही आहार अपनाएं।
Health Tips: भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सबसे बड़ी चिंता उनके शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी है। घर और कामकाज की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अक्सर अपनी डाइट और सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। यह केवल थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
आयरन की कमी
आयरन की कमी यानी एनीमिया महिलाओं में सबसे आम समस्या है। इसके लक्षणों में बिना किसी भारी काम के भी अत्यधिक थकान, सांस फूलना, त्वचा का पीला पड़ना और हाथ-पैर ठंडे रहना शामिल हैं। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, जो ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंचाता है। इस कमी को दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़ और अनार को डाइट में शामिल करना चाहिए।
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कैल्शियम और विटामिन-D की कमी
कैल्शियम और विटामिन-D की कमी महिलाओं में पीठ दर्द, जोड़ों में जकड़न और मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बन सकती है। विटामिन-D के बिना शरीर कैल्शियम को अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। नाखूनों में सफेद निशान या दांतों में कमजोरी होने पर रोजाना धूप में समय बिताना और डेयरी उत्पादों का सेवन बढ़ाना मददगार हो सकता है।
विटामिन-B12 की कमी
विटामिन-B12 की कमी नसों और मस्तिष्क पर असर डालती है। इसके लक्षणों में हाथ-पैरों में झनझनाहट, चक्कर आना, बार-बार भूलना, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन शामिल हैं। शाकाहारी महिलाओं में यह कमी अधिक देखी जाती है। विटामिन-B12 मुख्य रूप से मांस, अंडा और डेयरी उत्पादों में मिलता है।
संतुलित आहार और नियमित जांच
इन पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर न रहें। नेचुरल फूड्स को प्राथमिकता दें और साल में कम से कम एक बार ब्लड काउंट और विटामिन प्रोफाइल टेस्ट कराएं। शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। सही पोषण और जागरूकता महिलाओं के स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है।