उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: इलेक्शन कमीशन ने शुरू की प्रक्रिया, जल्द घोषित होगी मतदान तिथि

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: इलेक्शन कमीशन ने शुरू की प्रक्रिया, जल्द घोषित होगी मतदान तिथि

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया शुरू की। मतदान तिथि जल्द होगी घोषित, जानें पूरी प्रक्रिया।

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: भारत में उपराष्ट्रपति पद को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज जारी कर चुनाव प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी है। आयोग के मुताबिक, चुनाव की तारीख बहुत जल्द घोषित की जाएगी।

धनखड़ ने अचानक दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने की मंजूरी

21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपा, जिसे 22 जुलाई को स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत, अब 6 महीने के अंदर उपराष्ट्रपति पद का चुनाव कराना अनिवार्य हो गया है।

कैसे होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव?

भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य करते हैं। इसे विशेष निर्वाचक मंडल (Electoral College) कहा जाता है।

उम्मीदवार बनने की योग्यता:

  • भारत का नागरिक होना आवश्यक

  • न्यूनतम आयु 35 वर्ष

  • राज्यसभा सदस्य बनने की योग्यता

  • किसी भी “लाभ के पद” पर नहीं होना चाहिए

नामांकन की शर्तें क्या हैं?

उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन करने वाले उम्मीदवार को:

  • कम से कम 20 सांसदों द्वारा प्रस्तावित और 20 सांसदों द्वारा समर्थन प्राप्त होना चाहिए

  • ₹15,000 की जमानत राशि नामांकन पत्र के साथ जमा करनी होती है

धनखड़ के इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?

पूर्व उपराष्ट्रपति के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम सहित कई विपक्षी नेताओं ने इसे सरकार की नाराजगी से जोड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, धनखड़ को केंद्र सरकार की ओर से एक कॉल आया था, जिसमें चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव से जुड़ी बहस का जिक्र था।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन NDTV की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसी के चलते उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।

क्या कहते हैं संविधान के प्रावधान?

संविधान के अनुच्छेद 68 (1) के अनुसार, यदि उपराष्ट्रपति का पद खाली होता है, तो 6 महीने के भीतर चुनाव कराना आवश्यक होता है। चुनाव आयोग ने इसी आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तारीख तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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