उत्तरकाशी धराली त्रासदी: अब तक 5 की मौत, 190 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया, राहत कार्य जारी

उत्तरकाशी धराली त्रासदी: अब तक 5 की मौत, 190 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया, राहत कार्य जारी

उत्तरकाशी धराली त्रासदी: उत्तरकाशी के धराली गांव में 2025 की भीषण बादल फटने की आपदा में अब तक 5 लोगों की मौत, 190 से अधिक सुरक्षित। CM पुष्कर सिंह धामी ने किया हवाई सर्वेक्षण। सेना, NDRF और SDRF राहत कार्य में जुटी। पीएम मोदी ने भी स्थिति की जानकारी ली।

उत्तरकाशी धराली त्रासदी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार दोपहर बाद अचानक बादल फटने से भयंकर बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 190 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। राज्य सरकार, सेना और राहत एजेंसियां लगातार युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

बादल फटने से मची तबाही

मंगलवार को खीरगंगा नदी में अचानक आई बाढ़ ने धराली गांव में भारी तबाही मचाई। आधे से ज्यादा गांव जलमग्न हो गया और कई लोग मलबे में फंस गए। गांव गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले स्थित है और चारधाम यात्रा का एक अहम पड़ाव है। हादसे के तुरंत बाद राहत एजेंसियां सक्रिय हो गईं, लेकिन लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते राहत कार्यों में कई बाधाएं आईं।

अब तक 5 लोगों की मौत, कई लापता

उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मलबे से बरामद एक शव की पहचान 32 वर्षीय आकाश पंवार के रूप में की गई है। वहीं, 50 से अधिक लोगों के लापता होने की आशंका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलप्रलय इतनी तेज थी कि लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका तक नहीं मिला। लापता लोगों में भारतीय सेना के 11 जवान भी शामिल हैं।

रेस्क्यू में जुटे सेना, NDRF और SDRF

वर्तमान में NDRF, SDRF, ITBP और भारतीय सेना की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं। खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं, जिससे कई राहत दल भटवाड़ी और अन्य स्थानों पर फंसे हुए हैं। गंगोत्री हाईवे भी जगह-जगह पर भूस्खलन से बंद हो गया है। वायुसेना के MI-17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, जो मौसम साफ होते ही राहत सामग्री और कर्मियों को लेकर उड़ान भरेंगे।

मुख्यमंत्री धामी का हवाई निरीक्षण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार सुबह प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत कार्यों का जायज़ा लिया। इसके बाद उन्होंने उत्तरकाशी आपदा नियंत्रण केंद्र से बचाव अभियान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे लिए हर एक जान कीमती है, राज्य सरकार पूरी तत्परता से राहत कार्यों में जुटी है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने भी ली जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री धामी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने पीएम को अवगत कराया कि सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं और लगातार बचाव प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

मेडिकल सुविधाएं और राहत कार्य

राज्य सरकार ने आपदा से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए 280 जनरल बेड और 90 ICU बेड आरक्षित किए हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम धराली रवाना की गई है, जिसमें जनरल सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा मानसिक तनाव और अवसाद से निपटने के लिए तीन मनोचिकित्सकों को भी तैनात किया गया है।

20 करोड़ की आपदा राहत राशि स्वीकृत

उत्तराखंड सरकार ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ₹20 करोड़ की राशि राज्य आपदा मोचन निधि से स्वीकृत की है। साथ ही, खाने-पीने, दवाइयों और राशन की व्यवस्था के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।

हरिद्वार और अन्य क्षेत्रों में भी हाई अलर्ट

लगातार बारिश के कारण गंगा और अन्य नदियां उफान पर हैं। हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। राजाजी टाइगर रिज़र्व के पास रेलवे ट्रैक भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है।

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