उत्तराखंड को प्राकृतिक उपचार स्थल बनाने की योजना, सीएम धामी ने साल भर पर्यटन को बढ़ावा देने का एलान किया। पर्यटन से स्थानीय रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में पर्यटन को केवल चार या छह महीने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सरकार इसे साल भर (12 महीने) चलाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि पहाड़ हमेशा जीवंत रहें और होटल, टैक्सी, होमस्टे, रेस्तरां और रोजगार निरंतर सक्रिय रहें। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड की पहचान प्राकृतिक हीलिंग डेस्टिनेशन के रूप में
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज के समय में बड़े शहरों में प्रदूषण, ट्रैफिक और तनाव की समस्या आम है। ऐसे में उत्तराखंड की ठंडी और स्वच्छ हवा, हरियाली, शांत वातावरण और हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक आदर्श प्राकृतिक उपचार स्थल (Natural Healing Destination) बनाती है।
धामी ने बताया कि उत्तराखंड अब सिर्फ चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेलनेस, योग, ध्यान, प्राकृतिक पर्यटन, संस्कृति और एडवेंचर का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
नई पर्यटन नीति और जिम्मेदार पर्यटन
उत्तरकाशी में आयोजित तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जिम्मेदार पर्यटन (Responsible Tourism) को बढ़ावा दे रही है, जो पर्यावरण और संस्कृति का संरक्षण भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि उनके सहयोग से उत्तराखंड को एक ब्रांड पर्यटन स्थल बनाया जाएगा।
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धामी ने यह भी भरोसा दिलाया कि सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल अनुमोदन और निवेशकों के लिए त्वरित सहायता प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि सभी पर्यटन हितधारकों को समर्थन और सुविधा मिल सके।
प्रमुख पर्यटन स्थल और संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स को सुझाव दिया कि वे उत्तरकाशी, हर्षिल, मुखबा, नेलांग, चमोली, औली, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और सीमांत गांवों को अपने पर्यटन पैकेजों में शामिल करें। इससे पर्यटकों को विविध अनुभव मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य और मानसिक शांति का अनुभव
धामी ने कहा कि उत्तराखंड सिर्फ दर्शनीय स्थल ही नहीं, बल्कि यहां योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक जल स्रोत और हिमालय की ठंडी हवा मिलती है। ये सभी तत्व पर्यटकों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभ पहुंचाते हैं। इससे उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक उपचार स्थल के रूप में पहचान मिल सकती है।
स्थानीय रोजगार और युवा सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब पर्यटन साल भर सक्रिय रहेगा तो होटल, टैक्सी, होमस्टे, रेस्तरां और स्थानीय दुकानों में रोजगार बढ़ेगा। इससे युवा पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।