उत्तराखंड में मानसून आपदा से लगभग 5700 करोड़ रुपए का नुकसान, केंद्र सरकार की टीम ने प्रभावित जिलों का दौरा कर नुकसान का आकलन शुरू किया। राहत और पुनर्वास के लिए की जाएगी आवश्यक कार्रवाई।
मानसून के दौरान उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश और आपदा के कारण लगभग 5700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार से आपदा राहत और मुआवजे की मांग की है।
केंद्र सरकार की एक टीम हाल ही में देहरादून पहुंची, जिसने प्रदेश आपदा प्रबंधन सचिव और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर नुकसान का प्रारंभिक आकलन प्राप्त किया। इसके बाद टीम प्रभावित जिलों का दौरा कर विस्तृत नुकसान का मूल्यांकन करेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्र की टीम दो समूहों में विभाजित होकर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों का दौरा करेगी और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर नुकसान के आंकड़े एकत्रित करेगी। मानसून की लगातार भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्र में बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने व्यापक तबाही मचाई है।
प्रदेश सरकार ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और विस्थापन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार के द्वारा जल्द ही राहत पैकेज जारी किए जाने की उम्मीद है, जो प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और विकास कार्यों में मददगार साबित होंगे।
उत्तराखंड सरकार ने प्रारंभिक तौर पर 5700 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन केंद्र को सौंपा है और केंद्र की टीम के जिलेवार नुकसान के विवरण के आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के बाद राहत राशि का निर्धारण किया जाएगा।