उत्तराखंड में पिछले चार वर्षों में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री धामी का बयान

उत्तराखंड में पिछले चार वर्षों में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री धामी का बयान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और नकल विरोधी कानून से युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिले हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को घोषणा की कि पिछले चार वर्षों में राज्य के 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। यह संख्या राज्य गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दी गई नौकरियों से दोगुने से भी अधिक है।

मुख्यमंत्री ने यह बात राज्य लोक सेवा आयोग और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के अवसर पर कही। इस अवसर पर 109 समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और 1,347 सहायक अध्यापक (एलटी) सहित कुल 1,456 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

धामी ने कहा कि पहले की सरकारों के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और नकल माफिया का बोलबाला रहता था। लेकिन उनकी सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, जिससे भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हुई। इसके परिणामस्वरूप योग्य उम्मीदवारों को एक साथ तीन-चार जगहों पर चयन का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि पिछले चार वर्षों में हमनें जितनी नौकरियां प्रदान की हैं, वह राज्य गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दी गई कुल नौकरियों से दोगुने से अधिक हैं।”

धामी ने इस अवसर पर युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि उनकी सरकार उत्तराखंड में रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के लिए प्रतिबद्ध है।

Related posts

दिल्ली में 51 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 322 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत

देहरादून में शैक्षिक भूमि विवाद: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की

यूपी पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार करेगी OBC आयोग का गठन, हाईकोर्ट में दिया हलफनामा

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More