यूपी के 9 जिलों में हथकरघा और वस्त्र उद्योग को सस्ती बिजली और सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क योजना की घोषणा की, जो निवेश, कौशल विकास और रोजगार बढ़ाने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। हथकरघा क्षेत्र में निजी निवेशकों की बढ़ती रुचि को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों में वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र उत्पादों की समृद्ध विरासत वाला राज्य है, जिसकी सही पहचान और विकास से प्रदेश न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।
संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को महान संत कबीर के नाम से समर्पित किया। संत कबीर के श्रम, सादगी और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों को इस योजना का आधार बनाया जाएगा। इस पहल से न केवल निवेश और उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश में वस्त्र उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान
वर्तमान में उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं परिधान निर्यात में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। वित्त वर्ष 2023-24 में प्रदेश से 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जो देश के कुल निर्यात का लगभग 9.6 प्रतिशत है। यह क्षेत्र प्रदेश की जीडीपी में 1.5 प्रतिशत का योगदान देता है और लगभग 22 लाख लोग इस उद्योग से जुड़े हैं।
वाराणसी, मऊ, भदोही, मिर्जापुर, सीतापुर, बाराबंकी, गोरखपुर और मेरठ जैसे पारंपरिक वस्त्र क्लस्टर प्रदेश को राष्ट्रीय परिधान मानचित्र पर प्रमुख बनाते हैं।
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निवेश और रोजगार के अवसर
वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में अब तक 659 निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनके लिए लगभग 1,642 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। कुल निवेश मूल्य 15,431 करोड़ रुपये है और अनुमानित रोजगार सृजन 1,01,768 रोजगार के रूप में होगा।
हर पार्क कम से कम 50 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा और इसमें प्रसंस्करण उद्योगों के लिए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना अनिवार्य होगी। साथ ही बटन, ज़िपर, पैकेजिंग और वेयरहाउस जैसी सहायक इकाइयों का विकास भी किया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश
सीएम योगी ने अधिकारियों को निवेश प्रस्तावों की तेजी से मंजूरी और विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। योजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल या नोडल एजेंसी के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा, ताकि निवेशकों को सुविधाएं सुगमता से मिल सकें।
राज्य सरकार सड़क, बिजली और जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्राथमिकता से उपलब्ध कराएगी।
पॉवरलूम बुनकरों को विशेष समर्थन
सीएम योगी ने बुनकरों की उत्पादन लागत कम करने, आय बढ़ाने और परंपरागत वस्त्र उद्योग को सशक्त बनाने के लिए बुनकरों के साथ संवाद स्थापित करने के निर्देश भी दिए। बुनकरों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी और पॉवरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।