उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी’: AI और साइबर सुरक्षा को प्रशिक्षण में बनाया जाएगा अनिवार्य

उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी’: AI और साइबर सुरक्षा को प्रशिक्षण में बनाया जाएगा अनिवार्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश में AI और साइबर सुरक्षा को अनिवार्य प्रशिक्षण बनाया जाएगा। जानें iGOT प्लेटफॉर्म पर 18.8 लाख कर्मियों की प्रगति और 7-दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम की पूरी जानकारी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी’ की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि AI (Artificial Intelligence) और साइबर सुरक्षा को सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि 7-दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम को सभी अधिकारियों के लिए अनिवार्य किया जाए और इसे पदोन्नति से जोड़ा जाए।

उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन गया है, जहाँ iGOT (Integrated Government Online Training) प्लेटफॉर्म पर 18.8 लाख से अधिक कर्मी पंजीकृत हैं और 72 लाख से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। मिशन का उद्देश्य जनसेवा की गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक और समीक्षा

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में मिशन कर्मयोगी की अब तक की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म, विभागीय क्षमता संवर्धन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर विचार किया गया।

कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल है, जिसका उद्देश्य सक्षम मानव संसाधन तैयार करना और प्रदेश तथा देश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

iGOT प्लेटफॉर्म: प्रशिक्षण का डिजिटल मंच

iGOT डिजिटल प्लेटफॉर्म आज विश्व का सबसे बड़ा सरकार-प्रेरित प्रशिक्षण मंच बन चुका है।

  • पंजीकृत उपयोगकर्ता: 1.45 करोड़ से अधिक

  • उपलब्ध प्रशिक्षण पाठ्यक्रम: 4,179 (840+ हिंदी में, 540+ 15 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में)

  • सफलतापूर्वक पूर्ण पाठ्यक्रम: 6.7 करोड़ से अधिक

  • पाठ्यक्रम पूर्णता दर: 70%+

  • ऐप डाउनलोड: 50 लाख से अधिक

उत्तर प्रदेश iGOT पर 18.8 लाख से अधिक कर्मियों को ऑनबोर्ड कर देश में अग्रणी है। प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम और AI-सीबर सुरक्षा की अनिवार्यता

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने पाठ्यक्रम iGOT प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें। सभी अधिकारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम अनिवार्य किया जाए। विशेष रूप से AI और साइबर सुरक्षा को पाठ्यक्रमों में शामिल करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षण केंद्रों में नई तकनीक और डिज़ाइन का ज्ञान दिया जाए ताकि कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़े। इसके अलावा, फील्ड कर्मियों जैसे ANM, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायत और नगर निकाय कर्मचारी के लिए कार्य-आधारित और व्यवहारिक पाठ्यक्रम विकसित किए जाएँ।

अमृत ज्ञान कोश और केस स्टडीज

मुख्यमंत्री ने iGOT के ‘अमृत ज्ञान कोश’ प्लेटफॉर्म में विभिन्न विभागों की केस स्टडीज अपलोड करने का भी निर्देश दिया। इसका उद्देश्य ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से जनसेवा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य

मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को दक्ष, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। इसके तहत प्रशिक्षण की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक उपयोगिता पर जोर दिया जाएगा, ताकि जनसेवा की प्रभावशीलता और संवेदनशीलता बढ़ सके।

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