सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स बजट 76% बढ़ा। AI, साइबर सुरक्षा और डिजिटल विकास से प्रदेश बन रहा है डिजिटल पावरहाउस।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए इस क्षेत्र के लिए 2,059 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य यूपी को डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक तकनीक का मजबूत केंद्र बनाना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर
इस बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की तकनीक मानते हुए विशेष महत्व दिया गया है। प्रदेश में उत्तर प्रदेश एआई मिशन शुरू किया जा रहा है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डेटा लैब्स की स्थापना के लिए भी बजट में राशि निर्धारित की गई है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीक से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
साइबर सुरक्षा को मिली अहमियत
डिजिटल विकास के साथ साइबर खतरों को ध्यान में रखते हुए, बजट में साइबर सुरक्षा पर भी फोकस किया गया है। इसके लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है, जिस पर लगभग 95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि मजबूत साइबर सुरक्षा के बिना डिजिटल विकास संभव नहीं।
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आम आदमी तक पहुंचेगा एआई प्रशिक्षण
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे एआई प्रज्ञा कार्यक्रम को नई गति दी जा रही है। इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल और आईबीएम जैसी वैश्विक कंपनियां सरकार के साथ प्रशिक्षण दे रही हैं। किसान, छात्र, डॉक्टर, स्वयं सहायता समूह और सरकारी कर्मचारी इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे हैं। उद्देश्य है एआई तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाना।
यूपी डाटा सेंटर हब बनने की तैयारी
उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने 30,000 करोड़ रुपये के निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावाट होगी। कई परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे सैकड़ों मेगावाट क्षमता और हजारों करोड़ का निवेश पहले ही हासिल हो चुका है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में यूपी की ताकत
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन चुका है। भारत में उत्पादित कुल मोबाइल फोन का 65% यूपी में बनता है। इसके अलावा, भारत की आधे से अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी प्रदेश में स्थित हैं। यूपी का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो बड़ी उपलब्धि है।
स्टार्टअप और नवाचार को मिला समर्थन
सरकार की तकनीक और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में अग्रणी बन चुका है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में किए गए इस बड़े निवेश से प्रदेश तेजी से तकनीक आधारित विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है।