सिगरेट पीने से सिर्फ कैंसर नहीं, जानिए किन जानलेवा बीमारियों का कारण बनती है स्मोकिंग

सिगरेट पीने से सिर्फ कैंसर नहीं, जानिए किन जानलेवा बीमारियों का कारण बनती है स्मोकिंग

जानिए सिगरेट पीने से सिर्फ लंग कैंसर नहीं, बल्कि कौन-कौन सी जानलेवा बीमारियां होती हैं। स्मोकिंग से बचाव और स्वास्थ्य के लिए जरूरी उपाय।

सिगरेट पीना केवल फेफड़ों के कैंसर का कारण नहीं, बल्कि यह शरीर के कई अन्य अंगों को भी गंभीर और जानलेवा बीमारियों की गिरफ्त में ले लेता है। टोबैको और निकोटीन हर ऑर्गन को नुकसान पहुंचाते हैं और स्मोकिंग को एक धीमा जहर माना जाता है जो धीरे-धीरे आपकी सेहत को खत्म कर देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल लाखों लोग स्मोकिंग से होने वाली बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं। लंग कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. जमाल ए खान बताते हैं कि स्मोकिंग हर साल करीब 70 लाख मौतों का जिम्मेदार है। आइए जानते हैं सिगरेट पीने से होने वाली कुछ गंभीर और जानलेवा बीमारियां।

सिगरेट पीने से होने वाली प्रमुख जानलेवा बीमारियां:

1. लंग कैंसर: स्मोकिंग से होने वाले लंग कैंसर के मामले सबसे अधिक होते हैं। सीडीसी के अनुसार, स्मोकर्स में लंग कैंसर का खतरा नॉन-स्मोकर्स की तुलना में 15 से 30 गुना ज्यादा होता है। सेकंडहैंड स्मोकिंग से भी इसके जोखिम में वृद्धि होती है।

2. क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD): 90% COPD से होने वाली मौतें स्मोकिंग के कारण होती हैं। यह फेफड़ों की गंभीर बीमारी है जो सांस लेने में दिक्कत पैदा करती है और मौत का तीसरा बड़ा कारण है।

3. हार्ट डिजीज: स्मोकिंग से हार्ट डिजीज का खतरा चार गुना तक बढ़ जाता है। निकोटीन दिल को ऑक्सीजन कम पहुंचाता है और हार्ट रेट बढ़ाता है, जिससे हार्ट पर दबाव बढ़ता है।

4. स्ट्रोक: स्मोकिंग ब्रेन में ब्लड सप्लाई रोक सकती है, जिससे स्ट्रोक का खतरा दोगुना हो जाता है। यह पैरालिसिस, बोलने में दिक्कत या मौत का कारण बन सकता है।

5. ओर्टिक एन्यूरिज्म: स्मोकिंग से महाधमनी (एओर्टा) की दीवार कमजोर हो जाती है, जिससे यह फट सकती है और जानलेवा साबित हो सकती है।

6. ओरल और थ्रोट कैंसर: माउथ, थ्रोट, लिप्स, गम्स और वॉइस बॉक्स में कैंसर का खतरा स्मोकिंग से बढ़ जाता है।

7. एसोफैजियल कैंसर: थ्रोट का यह कैंसर स्मोकिंग और अल्कोहल के कारण ज्यादा होता है।

8. कैटरैक्ट्स: स्मोकिंग से आंखों के लेंस में धुंधलापन आ जाता है, जिससे विजन लॉस और ब्लाइंडनेस हो सकती है।

9. टाइप 2 डायबिटीज: स्मोकिंग टाइप 2 डायबिटीज का प्रमुख कारण है और इससे डायबिटीज के कॉम्प्लिकेशन्स भी बढ़ जाते हैं।

10. रुमेटीइड आर्थराइटिस: स्मोकिंग के कारण जोड़ों में सूजन, दर्द और डिफॉर्मिटी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।

11. सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (SIDS): गर्भवती महिलाओं की स्मोकिंग से शिशुओं में अचानक मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।

12. इरेक्टाइल डिसफंक्शन: स्मोकिंग से ब्लड फ्लो कम हो जाता है, जिससे पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने का खतरा 60% तक बढ़ जाता है।

सिगरेट पीना सिर्फ लंग कैंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए अपनी और अपने परिवार की सेहत के लिए तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाए रखना सबसे बेहतर विकल्प है। यदि आप स्मोकिंग छोड़ना चाहते हैं तो डॉक्टर से सलाह लें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

Also Read: https://newsindianow.in/4-effective-home-remedies-for-immediate-relief-from-gas-and-acidity/

Related posts

महिलाओं में बढ़ती विटामिन डी की कमी: जानें लक्षण और बचाव के आसान उपाय

Morning Water Benefits: सुबह खाली पेट पानी पीना सही है या नहीं? गर्म या ठंडा – कौन सा बेहतर?

Cancer symptoms: शरीर में बार-बार गांठ या सूजन: जानिए कब हो जाए सावधान, कौन सी गांठ हो सकती है कैंसर का संकेत

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More