Silver Price: चांदी ने भी सोने को दी टक्कर, 1.77 लाख रुपये पहुंची कीमत – बनाया नया रिकॉर्ड

Silver Price: चांदी ने भी सोने को दी टक्कर, 1.77 लाख रुपये पहुंची कीमत – बनाया नया रिकॉर्ड

Silver Price: चांदी ने सोने को बराबर की टक्कर देते हुए नया रिकॉर्ड बनाया, 1.77 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंची कीमत। जानिए सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के कारण और 2025 के इस ऐतिहासिक उछाल के बारे में।

Silver Price:सोने की कीमतों में तेजी के बीच चांदी ने भी नया रिकॉर्ड कायम किया है और अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। जहां सोने ने अपनी चमक बरकरार रखी है, वहीं चांदी की कीमत भी नए शिखर पर पहुंची है।

चांदी की कीमत ने बनाया नया रिकॉर्ड

सोमवार को MCX पर सोने की कीमत में 0.87% की बढ़त दर्ज हुई, और यह 1,30,631 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। वहीं, चांदी ने 1.52% की बढ़त के साथ 1,77,647 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू बाजार में गहनों की मांग में वृद्धि के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में यह उछाल आया है।

चांदी की कीमत में वृद्धि के कारण

चांदी की कीमत में यह उछाल कुछ महत्वपूर्ण कारकों के कारण आया है। एक प्रमुख कारण यह है कि पिछले शुक्रवार को शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में ट्रेडिंग डेटा सेंटर में आई तकनीकी खराबी के कारण कई घंटों तक ट्रेडिंग रुकी रही। इसके परिणामस्वरूप, विदेशी मुद्रा, बॉन्ड, इक्विटी और कमोडिटी बाजारों में कारोबार ठप हो गया, जिससे चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई।

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चांदी ने 11 महीनों में दी दोगुना रिटर्न

इस साल चांदी ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे इसके मूल्य में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। 2025 में चांदी की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि सोने ने 60% का रिटर्न दिया है। चांदी के मुकाबले, सोने ने इस साल 100% का रिटर्न हासिल किया है।

सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि का कारण

वैश्विक और घरेलू दोनों ही कारणों से सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि हुई है। निवेशकों को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेगा, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों को समर्थन मिला है। साथ ही, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं की वजह से सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ा है। भारत में शादी का मौसम भी इस समय है, और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने के कारण घरेलू स्तर पर इन धातुओं की कीमतें और बढ़ गई हैं।

चांदी की आपूर्ति में कमी और बढ़ती कीमतें

इसके अलावा, चांदी की आपूर्ति में कमी होने के कारण भी कीमतों में वृद्धि देखने को मिली है। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज से जुड़े वेयरहाउसों में चांदी का स्टॉक 2015 के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस स्थिति को देखते हुए, चीन से बड़ी मात्रा में चांदी लंदन भेजी जा रही है। इसके अलावा, चीन में चांदी के स्टॉकपाइल्स दस साल के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे चांदी की कीमतें और बढ़ी हैं।

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