Silver Price Update: भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक उच्च स्तर से गिरकर लगभग 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गया है। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन रही है।
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चांदी की गिरावट के प्रमुख कारण
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अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़े – अमेरिकी लेबर मार्केट और आर्थिक संकेतों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम कर दी है। उच्च ब्याज दरों से डॉलर मजबूत होता है और चांदी जैसी कमोडिटी की मांग पर दबाव पड़ता है।
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डॉलर की मजबूती – डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी महंगी हो जाती है, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है और कीमतें गिरती हैं।
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मुनाफावसूली – रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँचने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफा बुक करना शुरू किया, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई।
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वैश्विक बाजार की अस्थिरता – COMEX सिल्वर ने 121 डॉलर के उच्च स्तर के बाद तेजी से नीचे उतरना शुरू किया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
आगे का ट्रेंड क्या रह सकता है?
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शॉर्ट टर्म (अल्पावधि) – विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी पर दबाव जारी रह सकता है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं और डॉलर की मजबूती बनी हुई है।
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लॉन्ग टर्म (दीर्घकाल) – औद्योगिक मांग खासकर सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में मजबूत रहने की संभावना है, जिससे चांदी के दामों को समर्थन मिल सकता है।
हालिया तेज गिरावट से पता चलता है कि बाजार फिलहाल अस्थिर दौर में है। निवेशकों को इस समय सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।