हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस ने राज्य में बढ़ते अपराधों पर बीजेपी सरकार को निशाना बनाया, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंकड़ों के आधार पर इन आरोपों को खारिज किया।
कांग्रेस का आरोप: अपराध में वृद्धि, जनता में भय
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हरियाणा में हत्या, बलात्कार, रंगदारी और फिरौती जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि अपराधी जेल से ही अपना कारोबार चला रहे हैं, जिससे आम लोग भयभीत हैं। कांग्रेस नेता गीता भुक्कल ने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध राज्य में राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं। उन्होंने कुरुक्षेत्र में ठेकेदार की हत्या, कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल की हत्या और INLD प्रमुख अभय चौटाला को मिली धमकी जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि अपराध दर पिछले वर्षों में दोगुनी हो गई है।
बीजेपी का जवाब: अपराधों में कमी, सख्त कानून-व्यवस्था
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि हत्या, डकैती, लूट और दंगों में पिछले दस वर्षों में उल्लेखनीय कमी आई है। सैनी ने कहा कि पुलिस को पूरी छूट दी गई है और FIR तथा चार्जशीट समय पर दायर हो रही हैं। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल के दौरान अपराधों में बढ़ोतरी का भी उदाहरण दिया।
विधानसभा में हंगामा और वॉकआउट
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में अपमानित किया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्होंने वॉकआउट किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसा कि वे सच नहीं सुन सकते। विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बयानबाजी के बीच विधायकों ने कानून-व्यवस्था को हरियाणा के लिए गंभीर समस्या बताया।
विपक्षी नेता का कहना: आंकड़े नहीं, सुरक्षा का अहसास जरूरी
INLD नेता अर्जुन चौटाला ने कहा कि केवल आंकड़ों से काम नहीं चलेगा, जब तक जनता को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अपराधियों का बेखौफ होकर वारदात करना कानून की असफलता को दर्शाता है।