सावन 2025 शुभ योग: सावन माह की शुरुआत दुर्लभ योगों के साथ, सौ साल में एक बार बनते हैं ऐसे योग

सावन 2025 शुभ योग: सावन माह की शुरुआत दुर्लभ योगों के साथ, सौ साल में एक बार बनते हैं ऐसे योग

सावन 2025 शुभ योग: सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है, जिसमें शिव योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग जैसे दुर्लभ शुभ योग बनेंगे। जानिए सावन माह के महत्वपूर्ण दिन, शुभ मुहूर्त और पूजा-व्रत का सही तरीका।

सावन 2025 शुभ योग: भगवान शिव के प्रिय माह सावन का आगमन शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 से हो रहा है, जो 9 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस बार सावन की शुरुआत कई दुर्लभ और शुभ योगों के साथ हो रही है, जो इस माह को और भी खास बना देंगे। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, सावन इस बार 30 दिन की बजाय 29 दिन का होगा क्योंकि त्रयोदशी तिथि क्षय रहेगी।

सावन माह का महत्व

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय शिवजी का भक्तों पर विशेष आशीर्वाद होता है। सावन के दौरान चार सोमवार आते हैं, जिन्हें विशेष पूजा और व्रत से मनाया जाता है। इस माह का हर दिन भक्तों के लिए आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

सावन की शुरुआत में बनने वाले दुर्लभ शुभ योग

सावन के पहले दिन यानी 11 जुलाई को कई खास योग बन रहे हैं, जो सौ साल में केवल एक बार बनते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • शिव योग: यह योग तब बनता है जब नवम भाव का स्वामी दशम भाव में और दशमेश पंचम भाव में होता है। यह योग अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है, जो जीवन में सफलता और खुशहाली लाता है।

  • प्रीति योग: यह योग सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से बनता है और पारिवारिक सौहार्द तथा प्रेम में वृद्धि करता है।

  • आयुष्मान योग: दीर्घायु और समृद्धि का प्रतीक यह योग भी 11 जुलाई को बन रहा है, जो जीवन में स्वास्थ्य और समृद्धि का द्योतक है।

सावन में ग्रहों की चाल

सावन माह में सूर्य, मंगल और शुक्र राशियों में बदलाव करेंगे, जबकि बुध और शनि की वक्री चाल भी जारी रहेगी। ये सभी खगोलीय घटनाएं सावन के माह को विशेष बनाती हैं और इसकी शुभता को बढ़ाती हैं।

कैसे करें सावन में पूजा और व्रत?

सावन मास में शिवजी की पूजा व व्रत करना अत्यंत फलदायक माना गया है। इस दौरान सावन सोमवार का विशेष महत्व है, जब भोलेनाथ की विधिपूर्वक आराधना करनी चाहिए। भक्त फलाहारी व्रत रखकर और नियमित जलाभिषेक व रुद्राभिषेक से अपने जीवन में खुशहाली और शांति ला सकते हैं।

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