सफला एकादशी 2025: मोक्षदा के बाद सफला एकादशी कब है और पूजा मुहूर्त

सफला एकादशी 2025: मोक्षदा के बाद सफला एकादशी कब है और पूजा मुहूर्त

सफला एकादशी 2025: जानें सफला एकादशी कब है, इसका पूजा मुहूर्त और व्रत पारण समय। इस व्रत से पाएं सफलता, समृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा, पढ़ें व्रत करने की विधि और उपाय।

सफला एकादशी 2025: मोक्षदा एकादशी के बाद सफला एकादशी 15 दिसंबर 2025 को पड़ रही है। यह व्रत पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी पर होता है और भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

सफला एकादशी का महत्व

पुराणों में वर्णित है कि सफला एकादशी व्रत से भक्तों को अत्यधिक पुण्य मिलता है। कहा जाता है कि पांच सहस्र वर्ष तक तपस्या करने वाले पुण्य का फल, श्रद्धापूर्वक सफला एकादशी व्रत और रात्रि जागरण करने से प्राप्त होता है। इस व्रत का पालन करने से व्यक्ति के सभी कार्य सफल होते हैं और जीवन में समृद्धि आती है।

सफला एकादशी की कथा में लुम्पक जैसे महापापी भी भगवान की कृपा से वैकुण्ठ प्राप्त करने में सफल हुए थे।

सफला एकादशी 2025 पूजा मुहूर्त

  • सुबह पूजा मुहूर्त: 7:06 बजे से 8:24 बजे तक

व्रत पारण समय

  • पारण तिथि: 16 दिसंबर 2025

  • समय: सुबह 7:07 बजे से 9:11 बजे तक

  • द्वादशी समाप्ति: रात 11:57 बजे

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सफला एकादशी व्रत कैसे करें

  1. व्रत करने वाले भक्त दिनभर अन्न का सेवन नहीं करें। यदि भूख न लगे, तो फलाहार और दूध लिया जा सकता है।

  2. सुबह और शाम भगवान विष्णु की पूजा करें।

  3. विष्णु मंत्र का जप करें और एकादशी कथा का पाठ या श्रवण करें।

  4. द्वादशी के दिन फिर से सुबह पूजा करें।

  5. पूजा के बाद जरूरतमंदों को भोजन कराएं और फिर स्वयं भोजन करें।

सफला एकादशी के उपाय और शुभ संकेत

  • इस दिन घर या घर की छत पर पीला ध्वज लगाना शुभ माना जाता है।

  • घर की उत्तर दिशा में गेंदे के फूल रखना विशेष लाभकारी है, क्योंकि गेंदा भगवान विष्णु को अति प्रिय है।

  • यह उपाय घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

सफला एकादशी का व्रत भक्तों के जीवन में खुशहाली, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति लाने वाला माना जाता है।

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