प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने साबरमती रिवरफ्रंट में काइट फेस्टिवल में हिस्सा लिया। व्यापार, रक्षा और तकनीकी सहयोग को लेकर भारत-जर्मनी द्विपक्षीय वार्ता भी होगी।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपनी पहली एशिया यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। वे अहमदाबाद आए और साबरमती आश्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय काइट फेस्टिवल में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
अहम द्विपक्षीय वार्ता और रणनीतिक सहयोग
जर्मन चांसलर मर्ज की यह पहली एशिया यात्रा व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी, जिसमें वैश्विक सुरक्षा, यूक्रेन में शांति बहाली और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी।
also read: भारतीय यात्रियों को बड़ी राहत, जर्मनी के लिए अब नहीं लेना होगा ट्रांजिट वीजा – News India Now
पनडुब्बी सौदे पर फोकस
इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण लगभग 5 बिलियन यूरो का पनडुब्बी सौदा हो सकता है। भारतीय नौसेना के लिए छह स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति को लेकर जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप और मझगांव डॉक के बीच बातचीत चल रही है। इसे ‘मेक इन इंडिया’ की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
काइट फेस्टिवल और साबरमती का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह-सुबह साबरमती आश्रम में पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा की और जर्मन चांसलर का स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित पतंग महोत्सव में शामिल हुए। अहमदाबाद की सड़कों और नदी किनारे स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं।
भारत-जर्मनी आर्थिक और तकनीकी सहयोग
भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 51.23 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देश इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप पर भी काम कर रहे हैं। इस यात्रा के कुछ ही दिनों बाद यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भी भारत आएंगे, जहां भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (FTA) की घोषणा की संभावना है।