भारतीय करेंसी सोमवार को कमजोरी के दौर से गुजरी। विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच रुपया शुरुआती कारोबार में चार पैसे टूटकर 88.69 प्रति डॉलर पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की तरफ से 88.80 के स्तर की रक्षा अब डॉलर-रुपया पर एक मजबूत सीमा बन चुकी है।
रुपये में गिरावट के कारण:
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बाजार में 88.80–89.00 के बीच मजबूत प्रतिरोध (Resistance) और 88.40 के आसपास समर्थन (Support) स्तर मौजूद है।
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वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के चलते रुपये की धारणा कमजोर बनी हुई है।
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अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 88.64 पर खुला और 88.69 पर पहुंच गया।
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डॉलर सूचकांक (Dollar Index) 0.08% बढ़कर 99.68 पर पहुंच गया।
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शेयर बाजार में स्थिति:
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बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 202.48 अंक की तेजी के साथ 83,418.76 पर रहा।
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एनएसई निफ्टी-50 भी 68.65 अंक बढ़कर 25,560.95 पर खुला।
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 4,581.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल:
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ब्रेंट क्रूड 0.66% की बढ़त के साथ 64.05 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
विश्लेषकों का मानना है कि रुपये की कमजोरी फिलहाल 88.40–88.80 के दायरे में सीमित रहेगी। लंबी अवधि में भारतीय बाजार मजबूत रहने की संभावना है, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता कम होगी।