मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। महिलाओं, किसानों, युवाओं और दिव्यांगों को राहत, सरकारी जवाबदेही का मजबूत उदाहरण।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित नियमित जनसुनवाई ने गरीब, महिला, युवा और किसान वर्ग के उत्थान की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। इस पहल से सरकार की जवाबदेही स्थापित हो रही है, और आमजन अपनी शिकायतों के त्वरित निस्तारण से संतुष्ट दिख रहे हैं।
मुख्यमंत्री की पहल: जनता की समस्याएँ सीधे सुनें और हल करें
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनसुनवाई के दौरान श्री शर्मा ने आमजन की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन को इन परिस्थितियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मौके पर निस्तारण: महिला, दिव्यांग, बुजुर्ग सहित सभी वर्गों को मदद
जनसुनवाई में आये शिकायतकर्ताओं, जिनमें महिलाओं, दिव्यांगों और बुजुर्गों की संख्या अच्छी-खासी थी, उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रकरणों की मॉनिटरिंग हो और परिवादियों को शिकायतों की प्रगति की जानकारी भी दी जाए। लापरवाही करने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
किस्म‑किस्म की समस्या का समाधान
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इलाज सहायता: मुख्यमंत्री सहायता कोष और आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की गई।
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पेंशन और भूमि मामले: पेंशन या पट्टा संबंधी समस्याओं को जिला प्रशासन से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
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मुख्यालय‑स्तरीय आदेश: कुछ मामलों को मुख्यालय स्तर तक उठाकर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश जारी हुए।
विशेष मामला: मनीष का कैंसर इलाज
सोहन लाल अपने बेटे मनीष के कैंसर उपचार की गंभीर आर्थिक कठिनाई से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री ने इस पर तीव्र सहानुभूति व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि मनीष का इलाज तुरंत नि:शुल्क कराया जाए। यह निर्णय सरकार की सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल है।