Table of Contents
ज्यादा लाल मिर्च खाने से पेट, आंत और कोलन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। जानें सुरक्षित मात्रा, फायदे और सावधानियां।
तीखा खाना पसंद करने वाले लोगों के लिए एक चेतावनी है। दुनिया भर में लोग मसालेदार भोजन के शौकीन हैं, चाहे वह भारतीय करी हो या मैक्सिकन साल्सा। लाल मिर्च न केवल खाने के स्वाद और गर्माहट को बढ़ाती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी तेज करती है। लेकिन हाल की रिसर्च बताती है कि लगातार और अत्यधिक मात्रा में लाल मिर्च खाने से डाइजेशन सिस्टम से जुड़े कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
क्यों ज्यादा मिर्च खाना खतरनाक हो सकता है
लाल मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन इसे तीखा बनाता है। यह दर्द कम करने, सूजन घटाने और फैट बर्न करने में मदद करता है। हालांकि, अत्यधिक मात्रा में कच्ची या बहुत तीखी मिर्च लंबे समय तक खाने से पेट और आंत में जलन और सूजन बढ़ सकती है। धीरे-धीरे यह सूजन सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
सावधानी के साथ मिर्च का सेवन करना जरूरी है। यदि आहार में पर्याप्त सब्जियां, फल और फाइबर शामिल हों, तो मिर्च नुकसान नहीं करती। दही जैसे कूलिंग फूड के साथ मिर्च खाना या पकाकर सेवन करना पेट की जलन को कम करता है।
also read: Healthy Breakfast: सुबह के नाश्ते में कभी न खाएं ये…
मिर्च खाने से पेट के कैंसर का खतरा
Frontiers in Nutrition जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में दुनिया भर के हजारों लोगों पर रिसर्च की गई। निष्कर्ष बताते हैं कि रोजाना या अत्यधिक मात्रा में तीखा खाने वाले लोगों में डाइजेशन सिस्टम के कैंसर का खतरा बढ़ा पाया गया। वहीं, हल्के से मध्यम मात्रा में मिर्च खाने से नुकसान नहीं होता और इसके कुछ स्वास्थ्य लाभ भी हैं।
खतरा और बढ़ जाता है यदि मिर्च के साथ धूम्रपान या शराब का सेवन भी किया जा रहा हो। इसके अलावा, मिर्च का प्रकार और आपकी डाइट का संतुलन भी कैंसर जोखिम को प्रभावित करता है।
लाल मिर्च खाने के फायदे
सही मात्रा में लाल मिर्च कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है और कैप्सेसिन के कारण कैलोरी बर्न करने में मदद करती है। दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, ब्लड फ्लो और कोलेस्ट्रॉल पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। मिर्च एंटीऑक्सिडेंट्स का अच्छा स्रोत है, जो विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और अन्य पोषक तत्व प्रदान कर शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।