भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद स्वदेशी रक्षा उत्पादों की बढ़ी मांग और रक्षा बजट पर महत्वपूर्ण बयान दिया। जानें, कैसे भारत की सैन्य शक्ति और शौर्य ने वैश्विक स्तर पर खींचा ध्यान।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित शौर्य और स्वदेशी हथियारों की क्षमता के बारे में बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग में जबरदस्त वृद्धि की है।
ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव में वृद्धि हुई स्वदेशी हथियारों की डिमांड
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने अपनी शक्ति और स्वदेशी उपकरणों की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया, जिससे न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग बढ़ी है।”
Addressed the Controllers’ Conference of the Defence Accounts Department (DAD) in New Delhi.
Lauded the department’s critical role in strengthening the operational readiness and financial agility of India’s Armed Forces.https://t.co/cVyhO94DAE pic.twitter.com/hqvRoyI5jw
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) July 7, 2025
भारत का रक्षा बजट और उसकी बढ़ती जिम्मेदारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर भारत के रक्षा बजट को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा बजट न केवल देश में सबसे बड़ा है, बल्कि यह दुनिया के कई देशों की कुल जीडीपी से भी ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट सरकार की जिम्मेदारियों को कई गुना बढ़ा देता है।
“रक्षा मंत्रालय का बजट देश में सबसे अधिक है, और यदि हम दुनिया के कई देशों की जीडीपी से तुलना करें तो यह उससे भी ज्यादा है। जब देश के मेहनतकश नागरिकों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा रक्षा मंत्रालय को मिलता है, तो स्वाभाविक रूप से हमारे कंधों पर सुरक्षा और संसाधनों की पारदर्शिता को लेकर बड़ी जिम्मेदारी आती है।”
स्वदेशी रक्षा उत्पादों का सही उपयोग सुनिश्चित करना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि इस बजट का सही उपयोग समय पर, सही उद्देश्य के लिए और सही तरीके से करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “हमारा रक्षा व्यय केवल बजट के आकार को बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे सही तरीके से लागू करना, सही समय पर और सही उद्देश्य के लिए खर्च करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।”
भारत की सुरक्षा में निरंतर सुधार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि यह जिम्मेदारी भारतीय सेना और रक्षा अधिकारियों की है कि वे देश की सुरक्षा के साथ-साथ संसाधनों की पारदर्शिता भी सुनिश्चित करें।
For more news: India