राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में महिला किसानों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कृषि को प्रदेश की आर्थिक रीढ़ मानते हुए सरकार का उद्देश्य न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना भी है। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और उनकी आमदनी दोगुनी हो। इसी कड़ी में, राज्य सरकार ने महिला कृषकों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरण की योजना शुरू की है, जिससे वे बेहतर फसल उगा सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
महिलाएं कृषि के हर चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए उन्हें मूंग, मोठ, ज्वार, मक्का, बाजरा, मूंगफली और सोयाबीन जैसे फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिनीकिट निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं। इस कदम से न केवल महिला कृषक सशक्त होंगी, बल्कि राज्य और देश की अर्थव्यवस्था में भी उनका योगदान बढ़ेगा।
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बजट 2025-26 के तहत खरीफ सीजन में कुल 27,95,337 निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत मूंगफली और सोयाबीन के 18,966 मिनीकिट, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत उड़द, अरहर और ज्वार के 2,16,651 मिनीकिट, तथा राज्य बजट के अनुसार मक्का के 11,49,658, बाजरा के 7,99,995, मूंग के 4,00,000 और मोठ के 1,00,000 बीज मिनीकिट शामिल हैं।
इस योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसान, स्वयं सहायता समूह, निशक्तजन और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली महिला कृषकों को प्राथमिकता दी गई है। बीज वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जन आधार कार्ड का उपयोग किया जा रहा है। कृषि पर्यवेक्षक लाभार्थियों को फसल की किस्म, बुवाई की विधि, फसल प्रबंधन और बीजों के सही उपयोग की भी जानकारी देते हैं, जिससे बेहतर उत्पादन संभव हो सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने केंद्र एवं राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। इससे न केवल किसानों और महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है, बल्कि राजस्थान आत्मनिर्भर कृषि राज्य बनने की दिशा में भी तेजी से बढ़ रहा है।